Asian Games: बॉक्सर लवलीना और महिला रिकर्व टीम ने जीते गोल्ड, भारत के खाते में 12 स्वर्ण पदक
एशियन गेम्स 2026 में भारत को बॉक्सिंग और तीरंदाजी में दो ऐतिहासिक गोल्ड मिले। लवलीना बोरगोहेन ने चीन की बाओ जियी को हराया। अंकिता भगत, कीर्ति और कुमकुम मोहोद ने महिला रिकर्व टीम में साउथ कोरिया को हराया।
एशियन गेम्स में भारत को एक ही दिन दो बड़ी कामयाबी मिली हैं। स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75 किलोग्राम कैटेगरी में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर अपने करियर का पहला एशियन गेम्स गोल्ड जीता। इसके पहले अंकिता भगत, कीर्ति और कुमकुम मोहोद की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने साउथ कोरिया को 5-3 से हराकर इस कैटेगरी में भारत के लिए पहली बार स्वर्ण पदक हासिल किया था।
लवलीना के फाइनल में बाओ जियी ने शुरुआत से आक्रामक रुख अपनाया और लगातार पंच लगाने की कोशिश करती रही थी। भारतीय मुक्केबाज ने धैर्य के साथ जवाबी हमले किए और प्रभावी पंच लगाए। पहले राउंड में लवलीना ने 3-2 की बढ़त बनाई। इसके बाद उन्होंने मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी और सभी जजों का फैसला अपने पक्ष में करते हुए 5-0 से गोल्ड जीत लिया।
लवलीना का यह एशियन गेम्स में पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए कई बड़े पदक जीत चुकी हैं। इस गोल्ड के साथ मौजूदा एशियन गेम्स में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
वहीं, महिला रिकर्व टीम ने फाइनल में 10 बार की ओलिंपिक चैंपियन साउथ कोरिया को कड़ी चुनौती दी। अंकिता भगत, कीर्ति और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद की तिकड़ी ने 5-3 से जीत दर्ज की। कुमकुम ने दबाव के बीच अहम मौकों पर 10 अंक हासिल किए। जबकि, अंकिता ने अपने अनुभव से टीम को संभाला।
यह एशियन गेम्स के इतिहास में रिकर्व महिला टीम स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण है। इससे पहले रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मदेवरा की जोड़ी को चीन से 2-6 की हार के बाद सिल्वर मेडल मिला था।
मौजूदा एशियन गेम्स में भारत ने तीरंदाजी में चार गोल्ड जीते हैं। इनमें कंपाउंड टीम इवेंट के तीनों स्वर्ण पदक शामिल हैं। लवलीना के बॉक्सिंग गोल्ड और रिकर्व टीम के ऐतिहासिक स्वर्ण के बाद भारत के खाते में अब 12 गोल्ड समेत 69 मेडल हैं और वह मेडल टैली में सातवें स्थान पर है।




