सीनियर IPS जीपी सिंह पर सरकार के खिलाफ षडयंत्र के शक में राजद्रोह का केस दर्ज, फरार IPS की तलाश जारी

ACB छापे के दौरान IPS जीपी सिंह के घर से कई संदिग्ध चिट्ठियां, पेन ड्राइव और कागजात मिले.. सरकार के खिलाफ साजिश के सबूत, प्रदेश में पहली बार किसी IPS पर राजद्रोह के आरोप में केस दर्ज, आय से अधिक संपत्ति के मामले में पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है

Updated: Jul 09, 2021, 04:20 PM IST

सीनियर IPS जीपी सिंह पर सरकार के खिलाफ षडयंत्र के शक में राजद्रोह का केस दर्ज, फरार IPS की तलाश जारी
Photo Courtesy: Hindi news 18

रायपुर। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार किसी IPS पर इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है। जीपी सिंह पर राजद्रोह का केस दर्ज किया गया है। IPS जीपी सिंह के खिलाफ सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है, इसी के चलते उन पर केस दर्ज कर लिया गया है। जीपी सिंह फिलहाल फरार चल रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है, वे आखिरी बार बिलासपुर में नजर आए थे।

घर मे छापे के दौरान IPS जीपी सिंह के सरकारी बंगले के पीछे गटर चेंबर में शातिर तरीके से कई कागजात छिपाए हुए मिले थे। जिनमें कई संदिग्ध बातों का पता चला है, गटर में मिले पेपर्स को ही राजद्रोह का सबूत मानते हुए केस दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। इससे पहले छापे की कार्रवाई के बाद आय से अधिक संपत्ति और उन पर हुई FIR के आधार पर छत्तीसगढ़ शासन ने जीपी सिंह को 5 जुलाई को ही सस्पेंड कर दिया था।

ACB ने जीपी सिंह के रायपुर स्थित सरकारी आवास समेत देश भर के करीब 15 ठिकानों पर 1 जुलाई दबिश दी थी। साठ घंटे से ज्यादा चली कार्रवाई में उनके यहां से 10 करोड़ की अघोषित संपत्ति का खुलासा हुआ था। उनके करीबियों के यहां से भी कई किलो सोना और 13 लाख से ज्यादा का कैश बरामद हुआ था।

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जीपी सिंह के करीबियों के 17 बैंक अकाउंट्स में 57 लाख से ज्यादा डिपोजिट करने का खुलासा हुआ था। वहीं उन्होंने बड़ी रकम शेयर मार्केट, म्युचुअल फंड और बीमा पॉलिसी में इन्वेस्ट कर रखी थी। IPS जीपी सिंह का नाम कई विवादों से जुड़ा रहा है। सिंह पर आरोप है कि उन्होंने गैलेंट्री अवार्ड पाने के लालच में बस्तर SP रहते हुए करीब 100 ग्रामीणों को नक्सली बताया था और रायपुर समर्पण करवाने लाए थे। बाद में इस बात का खुलासा हुआ था कि वे ग्रामीण नक्सली नहीं बल्कि सामान्य आदिवासी थे। 

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जीपी सिंह पर आरोप है कि उन्होंने ACB का चीफ रहते हुए लोगों को धमकाकर खूब वूसली की है। कहा यह भी जा रहा है कि वे व्यापारियों के माध्यम से अलग-अलग जगहों पर पैसा इन्वेस्ट करते रह हैं, इन्ही में ओडिशा की खदानें भी शामिल हैं। जीपी सिंह के यहां ACB-EOW के छापे के मामले में शिकायत उन लोगों ने ही की थी जिन्हें ACB चीफ रहते हुए धमकाते रहे हैं।