Corona Crisis: 40 फीसदी गरीबों को नहीं मिला मुफ्त अनाज

Ramvilas paswan: मुफ्त भोजन योजना पर निर्भर प्रत्येक 10 में से 4 लोगों को आवंटन नहीं हुआ प्राप्त

Updated: Aug 09, 2020 12:05 AM IST

Corona Crisis: 40 फीसदी गरीबों को नहीं मिला मुफ्त अनाज

नई दिल्ली। कोरोना काल में शुरू की गई मुफ्त अनाज वितरण योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, पीएमजीकेएवाई के दूसरे चरण में जुलाई महीने के कोटे का महज 60 फीसदी अनाज ही वितरित हो सका है। यह जानकारी केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से मिली है। केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार 7 अगस्त को पत्रकारों से कहा कि केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे मुफ्त भोजन योजना पर निर्भर प्रत्येक 10 में से 4 लोगों को आवंटन प्राप्त नहीं हो रहा है। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें अनाज वितरण करने में विफल रही हैं।

पासवान ने कहा कि, '11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने जुलाई में प्रधान मंत्री गरीब कल्याण अन्ना योजना (PMGKAY) के तहत विस्तारित योजना के पहले महीने में कोई वितरण नहीं किया।' पहले चरण में, अप्रैल से जून तक, 81 करोड़ लाभार्थियों में से लगभग 95% को उनका अनाज आवंटन प्राप्त हुआ। वहीं जुलाई में यह घटकर सिर्फ 61% रह गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान केवल 6% मुफ्त चना वितरित किया गया है। उन्होंने इसका कारण यह भी बताया है कि कुछ राज्य दो महीने, तीन महीने या छः महीने में एक बार ही अनाज वितरण का कार्यक्रम चलाते हैं। पासवान ने राज्यों से अनाज वितरण में तेजी लाने का आग्रह किया है। 

इन 11 राज्यों ने नहीं बांटा राशन

पासवान ने बताया कि पिछले महीने कुल 81 करोड़ लाभार्थियों में से 49.87 करोड़ को अनाज वितरित किया गया था। इन्हें करीब 24.94 लाख टन अनाज वितरित किये गये। अनाज वितरण कार्यक्रम में पिछड़ने वाले राज्यों में पंजाब, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, पुडुचेरी, नगालैंड, मिजोरम, असम, बिहार लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार द्वीपसमूह शामिल हैं। इनमें बाढ़ प्रभावित राज्य असम में मात्र 21 फीसदी वहीं बिहार में 52 फीसदी अनाज वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि जुलाई में करीब नौ राज्यों ने 90 प्रतिशत जबकि पांच राज्यों ने 80 प्रतिशत अनाज वितरण किया।

नवंबर तक चलेगी यह योजना

बता दें कि पीएमजीकेएवाई के तहत अप्रैल से ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत चिन्हित लाभार्थियों को मुफ्त अनाज का वितरण किया जा रहा है। इसका मकसद कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों के रोजगार बंद होने की वजह से उपजे कठिनाइयों से राहत दिलाना है। इसके अंतर्गत प्रति लाभार्थी को 5 किलो अनाज (गेहूं या चावल) और एक किलो चना उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना शुरू में तीन महीने के लिए लागू की गयी थी लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर नवंबर तक कर दिया गया था।