ट्रम्प की बातचीत पर भरोसा नहीं कर सकते, हमारी शर्तें पूरी नहीं हुईं तो हालात बिगड़ेंगे: ईरान
ईरान की सेना ने ट्रम्प के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अपनी असफलता को समझौता मत कहिए। हालात तब तक ठीक नहीं होंगे, जब तक हमारी शर्तें पूरी नहीं होतीं।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 26वां दिन है। जंग के कारण दुनियाभर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। लेकिन सीजफायर की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। ईरान ने ट्रम्प के सीजफायर की कोशिशों का मजाक बनाया है। ईरान के एक सैन्य प्रवक्ता ने बुधवार को अमेरिका की सीजफायर के दावे को लेकर कहा कि अमेरिका खुद से ही बातचीत कर रहा है।
ईरानी सेना के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोलफघारी ने यह बयान सरकारी टीवी पर प्रसारित एक रिकॉर्डेड वीडियो में दिया। उन्होंने कहा, 'आप जिस ताकत की बात करते थे, वह अब नाकामी में बदल गई है। आप खुद को दुनिया की महाशक्ति कहते हैं, लेकिन अगर यह ताकत आपके पास होती तो अब तक इस हालात से बाहर निकल चुके होते। अपनी हार को समझौते का नाम मत दीजिए। आपके खोखले वादों का दौर अब खत्म हो चुका है।'
ईरान के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद अब तक 243 छात्र और शिक्षकों की मौत हो चुकी है। युद्ध के कारण देश में शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सैकड़ों स्कूल और सांस्कृतिक संस्थान या तो क्षतिग्रस्त हो गए हैं या पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच खाड़ी देशों की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को ‘योद्धा’ बताया और कहा कि सऊदी अरब, UAE और कतर इस युद्ध में मजबूत सहयोगी हैं। ट्रम्प ने कहा कि सऊदी अरब और UAE ने बेहतरीन भूमिका निभाई है, जबकि कतर बड़े हमले झेलकर भी मजबूत रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी प्रिंस ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने की सलाह दी है और तेहरान को लंबे समय के लिए खतरा बताया है।
ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पाकिस्तान के कराची जा रहे एक जहाज को होर्मुज स्ट्रेट पार करने से रोक दिया। IRGC के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी ने कहा कि 'सेलेन' नाम के इस जहाज के पास होर्मुज पार करने इजाजत नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को पहले ईरानी अधिकारियों से इजाजत लेनी होगी।
यह सारा मामला तब हुआ जब पाकिस्तान इस जंग में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने कल ही ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशिकयान से फोन पर बात भी की थी। वहीं, जंग की शुरूआत से अब तक भारत के 5 एलपीजी और तेल टैंकर होर्मुज से गुजर चुके हैं। इनमें जग वसंत, पाइन गैस, शिवालिक, नंदा देवी और जग लाडकी शामिल है।




