Nepal: भारतीयों से मांगा जाएगा पहचान पत्र

Nepal Home Minister: गृह मंत्री राम बहादुर थापा ने कहा कि पड़ोसी देश नेपाल के साथ सीमा पर पैदा कर रहे हैं समस्याएं

Updated: Aug 14, 2020 01:50 AM IST

Nepal: भारतीयों से मांगा जाएगा पहचान पत्र

नई दिल्ली। रोटी-बेटी के संबंध वाले नेपाल और भारत के रिश्ते में एक नया मोड़ आ गया है। हाल ही में उपजे सीमा विवाद के बाद अब नेपाल ने भारतीय नागरिकों के लिए एक नया नियम लागू कर दिया है। भारतीय विजिटर्स से अब नेपाल में पहचान पत्र मांगा जाएगा।

नेपाल के गृह मंत्री राम बहादुर थापा ने इस बात की जानकारी दी है। थापा ने बुधवार (13 अगस्त) को एक संसदीय पैनल को बताया है कि नेपाल कोरोना संकट से निपटने के लिए इस डेटा का उपयोग करेगा। उन्होंने संसदीय राज्य प्रबंधन और सुशासन समिति को बताया है कि डेटा का संग्रह का कार्य चल रहा है और सरकार इसे एक ऐसी प्रणाली में विकसित करने को लेकर ध्यान केंद्रित कर रही जो इसे स्थायी बनाएगी।

नेपाली अखबार कान्तिपुर में छपी खबर के अनुसार गृह मंत्री थापा ने कहा कि, 'काठमांडू पहचान पत्र और पंजीकरण प्रणाली को लागू करेगा और महामारी के बेहतर प्रबंधन के लिए रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को औपचारिक बनाने की कोशिश करेगा। कुछ पड़ोसी देश नेपाल के साथ सीमा पर समस्याएं पैदा कर रहे हैं।' उन्होंने भारत का नाम लिए बगैर इशारों में कहा कि पड़ोसी देश ने अतिक्रमणकारी नीति अपनाई है। भारतीय नागरिकों से आईडी कार्ड मांगने के इस कदम को सीमा पर नेपाल की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।

थापा ने आगे कहा कि, 'कभी-कभी पड़ोसी देश सीमा पर लगे स्तंभों को हटा देते हैं, वहीं यह भी देखा गया है कि उनके द्वारा निशान के स्थानों को बदल दिया गया है। कुछ नदियां नेपाल और भारत के बीच सीमा रेखा के रूप में भी काम करती हैं और सीमा मुद्दे तब ही सामने आते हैं जब नदियां अपना रास्ता बदलती हैं।' नेपाली सूचना एवं प्रसारण मंत्री डॉ युवराज ख़ातिवाड़ा ने कहा है कि भारत में निवासरत नेपाली नागरिकों की सड़क मार्ग से वतन वापसी के लिए मात्र 10 एंट्री पॉइंट्स ही खुले रहेंगे।

बता दें कि नेपाली पीएम केपी शर्मा ओली ने बीते दिनों नेपाल में COVID-19 संक्रमण के फैलाव के लिए भारत को दोषी ठहराया था। भारत और नेपाल की एक खुली सीमा है और काफी लंबे समय से इसे लेकर दोनों देशों के बीच विवाद चल रहा है। इस साल मई में कालापानी का विवाद तेज होने के बाद से नेपाल ने भारत से लगी सीमा पर सशस्त्र बलों की तैनाती बढ़ा दी है। इसके पहले नेपाल ने भारतीय बेटियां जो विवाह कर नेपाल में बहु बनकर जाते हैं उनके लिए नागरिकता लेने से पहले सात साल नेपाल में रहना अनिवार्य कर दिया था।