इंदौर के बाद भोपाल में भी नाले का पानी सप्लाई, गायत्री नगर के रहवासियों ने अफसरों को दिखाया काला पानी का सैंपल

देश के दूसरे सबसे स्वच्छ शहर भोपाल के वार्ड-65 गायत्री नगर में नाली के लीकेज से घरों में गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। दूषित पानी से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

Updated: Feb 07, 2026, 05:03 PM IST

भोपाल। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी की समस्या के बाद अब राजधानी भोपाल में भी पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। देश़ के दूसरे सबसे स्वच्छ शहर होने के बावजूद भोपाल के वार्ड-65 स्थित गायत्री नगर कॉलोनी में लोगों को गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। लगातार शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से रहवासियों में नाराजगी बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, जोन-16 के वार्ड-65 की गायत्री नगर कॉलोनी में पेयजल चैंबर में नाली के पानी का लीकेज होने से पानी दूषित हो रहा है। रहवासियों का आरोप है कि कई दिनों से घरों के नलों से शुरुआती 10 मिनट तक गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। जिससे लोगों को मजबूरी में दूषित पानी का उपयोग करना पड़ रहा है और इसकी वजह से स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

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समस्या से परेशान कॉलोनी के लोगों ने गंदे पानी का वीडियो बनाकर संबंधित अधिकारियों को भेजा था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। गायत्री नगर निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दूषित पानी के कारण लोगों के बीमार पड़ने की आशंका लगातार बनी हुई है।

रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी फैल रही है। इससे इलाके में बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है जिससे बीमारियों का खतरा और बढ़ गया है। लोगों ने नगर निगम से पाइपलाइन और चैंबर की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।

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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को श्यामला हिल्स स्थित जलकार्य कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में महापौर मालती राय और एमआईसी सदस्य रविंद्र यति ने जल कार्य, सीवेज और फायर विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में पानी की गुणवत्ता जांच, जल कर वसूली, सीवेज सिस्टम और फायर सिस्टम की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे। हालांकि, बैठक और समीक्षा के बावजूद वार्ड-65 सहित कई इलाकों में दूषित पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।