उज्जैन में भी घूसखोर पंडत फिल्म का विरोध, ब्राह्मण समाज ने की फिल्म पर तुरंत रोक लगाने की मांग
शनिवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी उज्जैन के माधव नगर थाने पहुंचे और फिल्म निर्माता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
उज्जैन। वेब सीरिज घूसखोर पंडत अपने रिलीज से पहले विवादों में घिरती जा रही है। वेब सीरिज के टाइटल से समाज के कुछ वर्गो को परेशानी है। भोपाल में कई ब्राम्हण समाज के लोगों ने वेब सीरीज पर बैन लगाने को लेकर प्रदर्शन किया। अब इसका असर उज्जैन में भी देखने को मिल रहा है। जहां इस वेब सीरिज के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और टीम के खिलाफ FIR की मांग की गई है।
शनिवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उज्जैन के माधव नगर थाने पहुंचे और फिल्म के निर्माता, निर्देशक एवं अभिनेता मनोज बाजपेयी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। ब्राह्मण समाज को फिल्म के टाइटल ‘घूसखोर पंडत’ और डायलॉग ‘ब्राह्मण लंगोट का ढीला होता है’ को लेकर आपत्ति है।
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि पंडितों को घूसखोर कहकर अपमानित किया जा रहा है, जो बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। लंगोट का ढीला जैसे डायलॉग ब्राह्मणों की छवि को खराब करने के लिए डाले गए हैं। वे समाज के कार्यकर्ताओं के साथ माधव नगर थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि फिल्म के निर्माता, निर्देशक और अभिनेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
बता दें कि फिल्म के मुख्य पात्र की भूमिका में मनोज बाजपेयी हैं, जो एक पुलिस अधिकारी अजय दीक्षित की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म में उन्हें पंडित के नाम से संबोधित किया गया है। चतुर्वेदी ने कहा कि पूरे देश में ब्राह्मण समाज प्रदर्शन कर रहा है। उत्तर प्रदेश में फिल्म मेकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, फिर यहां क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि यह फिल्म ब्राह्मणों का अपमान करने के लिए बनाई गई है, इस पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए। अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने कहा है कि ऐसी फिल्म बनाने वालों के मुंह पर कालिख पोती जाएगी।
अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष महेश शर्मा ने बताया कि भले ही लखनऊ में एफआइआर दर्ज हो गई हो, फिल्म बनाने वालों ने माफी मांग ली हो, लेकिन हम उनको माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण के खिलाफ फिल्म बनाने वालों के मुंह पर कालिख पोतना चाहिए। इन्होंने ब्राह्मणों के मान-प्रतिष्ठा का अपमान किया है, इनको गुनाह की सजा मिलनी चाहिए। ये लोग माफी लायक नहीं हैं।




