इंदौर में आयुर्वेदिक कफ सिरप के सारे सैंपल फेल, हानिकारक रसायन मिले, फैक्ट्री संचालक पर FIR

इंदौर के धरमपुरी स्थित आयुर्वेदिक कफ सिरप फैक्टरी में 30 प्रकार के सिरप बनते हैं। सैंपल जांच में सारे अमानक पाए गए। सिरप में हानिकारक रासायनिक तत्व भी मिले, जो मानव स्वास्थ्य के लिए घातक हैं।

Updated: Jan 22, 2026, 12:28 PM IST

इंदौर। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के बाद सामने आए सिरप कांड ने अब इंदौर के सांवेर क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। सांवेर में सील की गई एक ड्रग कंपनी के सभी आयुर्वेदिक सिरप सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिला प्रशासन ने फैक्ट्री संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

आयुष विभाग की जांच में सिरप निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। यह मामला इंदौर के पास सांवेर क्षेत्र के ग्राम धरमपुरी स्थित मेसर्स रेबीहांस हर्बल प्राइवेट लिमिटेड का है। छिंदवाड़ा सिरप कांड के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इस फैक्ट्री से लिए गए आयुर्वेदिक सिरप के 8 प्रोडक्ट के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। शासकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला आमखो, ग्वालियर से आई रिपोर्ट में सभी सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।

जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में सिरप निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। मौके पर कोई लैब नहीं पाई गई और न ही प्रोडक्ट निर्माण से जुड़े जरूरी कंपोनेंट्स की फाइलिंग मौजूद थी। इसके अलावा फायर सेफ्टी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं थे। जिसमें शिकायत मिलने पर 18 दिसंबर 2025 को एसडीएम सांवेर, पटवारी और आयुष विभाग की टीम ने फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया था, जिसके बाद फैक्ट्री को सील कर दिया गया।

वहीं अब आयुष विभाग की ओर से जिला आयुष अधिकारी डॉ. हंसा बारिया ने फैक्ट्री संचालक सुरेन्द्र सिंह राजपूत के खिलाफ औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 और बीएनएस की धारा 277 के तहत केस दर्ज कराया है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही से लोगों की जान खतरे में न पड़े।