जुल्म की इंतहा हो गई, सीहोर में आदिवासियों के घर तोड़े जाने पर भड़के केंद्रीय मंत्री शिवराज

सीहोर के कोसमी गांव में रविवार दोपहर 2 बजे वन विकास निगम ने आदिवासी परिवारों के 12 मकान तोड़ दिए। इसे लेकर शिवराज सिंह चौहान ने अपनी ही सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।

Updated: Oct 11, 2026, 11:21 PM IST

सीहोर। केंद्रीय कृषि मंत्री व मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सीहोर में आदिवासियों के घर तोड़े जाने के खिलाफ शिवराज चौहान रविवार को धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि मेरे क्षेत्र में जुल्म और अन्याय की इंतहा हो गई।

दरअसल, कोसमी गांव शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा और विधानसभा क्षेत्र बुधनी में आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब एक साल पहले शिवराज ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात कर आदिवासियों के घर नहीं गिराने के निर्देश दिए थे। उनकी शिकायत पर सीहोर के तत्कालीन डीएफओ मगन सिंह डाबर को हटाया भी गया था। इसके बावजूद रविवार को वन विकास निगम ने कार्रवाई की। 

गांव में बरेला समुदाय के कई परिवार लंबे समय से रह रहे हैं। मकान टूटने और फसलें नष्ट होने से उनके सामने रहने और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण इस कार्रवाई के खिलाफ धरने पर बैठे था। सूचना मिलते ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान मौके पर पहुंच गए। शिवराज पीड़ितों के साथ ही धरनास्थल पर बैठ गए और मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर नाराजगी जाहिर की।

शिवराज चौहान ने इस दौरान कहा कि मेरे क्षेत्र में जुल्म और अन्याय की इंतिहां हुई है। लोगों के वर्षों पुराने घर गिरा दिए गए, फसलें कुचल दी गईं और कुएं तक पूर दिए गए। लोगों की मेहनत को कुचल दिया गया। उन्होंने कहा कि जिन घरों में सुबह तक बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब बच्चों की चीखें सुनाई दे रही हैं। महिलाएं छाती पीट-पीटकर रो रही हैं। 

शिवराज ने इस कार्रवाई को शर्मनाक बताते हुए कहा कि ऐसा करने वाले इतने हृदयहीन और संवेदनहीन हैं कि उन्हें ईश्वर भी माफ नहीं करेगा। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए नए घर बनवाने और स्थायी व्यवस्था होने तक उनके रहने-खाने का इंतजाम करने को कहा। मौके पर वन विकास निगम और प्रशासन के किसी बड़े अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी शिवराज ने नाराजगी जताई। उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को फोन कर मामले की जानकारी दी।

शिवराज के इस बयान से बीजेपी की अंदरूनी कलह एक बार फिर उजागर हुई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान के पहले से रोकने के निर्देश के बावजूद मोहन यादव सरकार ने कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच टकराव की कहानी है। गरीब आदिवासी इसकी कीमत नहीं चुकाएंगे। कांग्रेस आदिवासी अधिकारों की लड़ाई जमीन पर लड़ेगी। मोहन सरकार को जवाब देना होगा।