बीजेपी कार्यकर्ता आयुषी जैन ने लगाया पार्टी पुस्तकालय में यौन उत्पीड़न का आरोप, महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा संज्ञान लें सीएम शिवराज

आयुषी जैन का कहना है कि पार्टी पुस्तकालय में 12 मार्च को बुज़ुर्ग ने किया अभद्र व्यवहार, कांग्रेस ने हमलावर रुख़ अपनाते हुए पूछा कौन है वो व्यक्ति

Updated: Mar 18, 2021, 09:25 PM IST

बीजेपी कार्यकर्ता आयुषी जैन ने लगाया पार्टी पुस्तकालय में यौन उत्पीड़न का आरोप, महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा संज्ञान लें सीएम शिवराज

भोपाल। मध्यप्रदेश बीजेपी की महिला कार्यकर्ता आयुषि जैन ने पार्टी के ही एक वरिष्ठ नेता पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। आयुषी जैन का कहना है कि पिछले कुछ महीने से उनके साथ लगातार अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। आयुषी ने पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मदद मांगते हुए एक वीडियो जारी किया है। उनका आरोप है कि भोपाल स्थित भाजपा के नानाजी देशमुख पुस्तकालय के एक बुजर्ग सज्जन ने 12 मार्च 2021 शुक्रवार के दिन अभद्रता की हदें पार कर दीं।

आयुषी जैन ने अपने वीडियो में विस्तार से अपने साथ हुए कथित अभद्र व्यवहार के बारे में बताया है। आयुषी ने बीएल संतोष और शिवराज सिंह चौहान को संबोधित करते हुए कहा है कि मैं पार्टी की एक समर्पित कार्यकर्ता हूं। दिन के 24 घंटों में से 18 घंटे पार्टी के लिए ही कार्य करती हूं तथा पार्टी को आगे ले जाने के लिए हमेशा सोच विचार करती रहती हूं।

बीजेपी ने इस पर अब तक कोई एक्शन नहीं दिखाया है लेकिन कांग्रेस मामले को लेकर हमलावर है। कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने प्रेस रिलीज में कहा है कि "कांग्रेस पुलिस प्रशासन से मांग करती है कि वीडियो में दिख रही मासूम बच्चियों से तत्काल बयान लेकर, निष्पक्ष जांचकर, सत्यता का पता लगाकर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो" 

दूसरी तरफ महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने इस मसले पर सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि ".. मुख्यमंत्री को संज्ञान लेते हुए दोषियों के विरूद्ध ठोस दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा यह माना जाएगा कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ के नारे और नारी सुरक्षा के दावे केवल जुमले हैं" इस ट्वीट के साथ उन्होंने पीड़ित का वीडियो भी शेयर किया है।

आयुषी ने इस वीडियो में कहा है कि पार्टी के प्रति अपनी राजनीतिक समझ बढ़ाने हेतु वे पार्टी कार्यालय में स्थित नानाजी देशमुख पुस्तकालय में अध्ययन करने जाती हैं। आयुषी ने 12 मार्च के दिन का हवाला देते हुए बताया है कि जब वे शुक्रवार के दिन पुस्तकालय में बैठकर अध्य्यन कर रही थीं, तब एक वरिष्ठ व्यक्ति उनके बगल में आकर बैठक गए। आयुषी ने कहा कि बुज़ुर्ग व्यक्ति ने अचानक मेरे जांघों में अपनी जांघ रख दिया।

आयुषी ने कहा है कि कई बार बुज़ुर्ग व्यक्ति ने उन्हें अपने घर बुलाया। चूंकि आयुषी के पास मोटरसाइकिल है तो इसलिए वे उन्हें घर एक छोड़ देन के लिए भी कहते रहते हैं और साथ ही आयुषी को अकेले घर आने के लिए भी कहते हैं। आयुषी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से वे लगातार आयुषी के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। 

इसी वीडियो के दूसरे भाग में आयुषी कहते सुनी जा सकती हैं कि भाजपा कार्यालय की लाइब्रेरी में अब उन्हें बैठने से मना कर दिया गया है। जबकि उनके मुताबिक वो वहां पर किसी से फालतू बात करतीं, ना ही माहौल खराब करती हैं। उनका आरोप है कि दो तीन दिन पहले प्रभारी ने पुस्तकालय में उनका बस्ता उठाकर बाहर फेंक दिया। उसमें मोबाइल और अन्य वस्तुएं टूटने से बाल बाल बच गए।

आयुषी वीडियो में यह भी कह रही हैं कि १२-१५ मार्च के पुस्तकालय के वीडियो को खंगाला जाए ताकि उनके साथ हुए व्यवहार की पुष्टि हो सके। उनका सवाल है कि "क्या किसी के लिए पार्टी के लिए समर्पित होना देशद्रोह है? या पुस्तकालय में बैठना कोई गुनाह है, या पार्टी विद्रोह है क्या?"

आयुषी का कहना है कि उनकी एक अन्य साथी आरती के साथ भी ऐसा व्यवहार हो रहा है। समर्थन में उनके वीडियो में एक अन्य लड़की भी दुर्व्वयवहार की बात करते सुनी जा सकती है।