Computer Baba: गद्दारों ने जनता के वोट को बेच दिया

MP Assembly By Election: कंप्यूटर बाबा ने कहा है कि गद्दारों ने जनता के साथ किया विश्वासघात, उन्हें उपचुनाव में खामियाजा उठाना होगा

Updated: Jul 28, 2020 09:23 PM IST

Computer Baba: गद्दारों ने जनता के वोट को बेच दिया
photo courtesy: times of india

देवास। कंप्यूटर बाबा ने देवास में लोकतंत्र बचाओ यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि प्रदेश में होने वाले उपचुनाव में जनता गद्दारों को सबक सिखाएगी। कंप्यूटर बाबा ने प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए नेताओं को खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि गद्दारों ने जनता के साथ विश्वासघात किया है जिसका खामियाजा उन्हें उपचुनाव में भुगतने के लिए तैयार रहना पड़ेगा। 
मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में राज्य का संत समाज लोकतंत्र बचाओ यात्रा का आयोजन कर रहा है। लोकतंत्र बचाओ यात्रा के माध्यम से राज्य का संत समाज इस बात से अवगत करा रहा है कि कैसे अपने स्वार्थ की पूर्ति करने हेतु उनके प्रतिनिधियों ने जनता का वोट बेचने तक से परहेज़ नहीं किया। मंगलवार को देवास में आयोजित कार्यक्रम में दौरान कंप्यूटर बाबा ने बागियों पर जनता और उनके वोट को बेच देने का आरोप लगाया। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि हम जनता से यह नहीं कह रहे हैं कि किसे वोट दें लेकिन कम से कम उन्हें वोट तो नहीं दे, जिन्होंने उनके मत का अपमान किया है। 

जनता को बीजेपी पर भरोसा नहीं था 
कंप्यूटर बाबा ने कहा कि जनता को बीजेपी की विचारधारा पर विश्वास नहीं था तभी प्रदेश की जनता ने चुनावों में कांग्रेस को चुना था। कंप्यूटर बाबा ने आगे कहा कि बीजेपी ने 15 साल तक सत्ता में रहते हुए जनता का भला नहीं किया जिस वजह से जनता ने कांग्रेस पर अपना भरोसा जताया था। लेकिन बीजेपी ने राज्य की जनता द्वारा चुनी हुई सरकार को गिरा कर लोकतंत्र की हत्या करने के साथ साथ जनता का भी अपमान किया है।

गौरतलब है कि जनता को जागरूक करने के लिए संत समाज उपचुनावों से पहले सभाओं का आयोजन करा रहा है। कार्यक्रमों की बागडोर कंप्यूटर बाबा के हाथों में है। कंप्यूटर बाबा ने आज देवास में कहा कि संत समाज के ऊपर लोकतंत्र को बचाने का दायित्व है। अगर लोकतंत्र की हत्या करने का काम कांग्रेस ने किया होता संत सामज कांग्रेस की विरूद्ध भी खड़ा होता। लेकिन बीजेपी ने जिस तरह से राज्य में लोकतंत्र को निर्मम हथकंडों से कुचलने का प्रयास किया है, इसका संत समाज कड़ा विरोध कर रहा है।