डॉ गोविंद सिंह होंगे मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, कमलनाथ ने दिया इस्तीफा

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कमलनाथ का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और गोविंद सिंह को मध्य प्रदेश विधायक दल का नेता नियुक्त किया है

Updated: Apr 29, 2022, 01:09 AM IST

डॉ गोविंद सिंह होंगे मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, कमलनाथ ने दिया इस्तीफा

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस बात की पुष्टि की हैं। कांग्रेस महासचिव ने बताया है कि हाईकमान ने कमलनाथ का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। कमलनाथ के जगह डॉ गोविंद सिंह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगे। 

केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को पीसीसी चीफ कमलनाथ को संबोधित पत्र में लिखा, 'आपको सूचित किया जाता है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने नेता, मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के पद से आपका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। पार्टी सीएलपी नेता, मध्य प्रदेश के रूप में आपके योगदान की तहे दिल से सराहना करती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने डॉ गोविंद सिंह को कांग्रेस विधायक दल, मध्य प्रदेश के नेता के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। यह आपकी जानकारी और अवलोकन के लिए है।' 

हाल ही में पूर्व सीएम कमलनाथ ने नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफे को लेकर मीडिया से कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर वह इसपर निर्णय लेंगे। 

दरअसल, कमलनाथ एक साथ प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष दोनों पदों पर काबिज थे। जबकि कांग्रेस पार्टी में 'एक आदमी, एक पद' की पुरानी परंपरा रही है। ऐसे में स्पष्ट था कि कमलनाथ को आज न कल किसी एक पद से इस्तीफा देना होगा। कई महीनों से इसके कयास लग रहे थे लेकिन विभिन्न राजनीतिक कारणों से विलंब होता रहा।

हालांकि, जब प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हुई तब मीडिया में खबरें आने लगी थी कि कमलनाथ नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देंगे और गोविंद सिंह को विधायक दल का नेता बनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि कमलनाथ ने ही शीर्ष नेतृत्व को डॉ गोविंद सिंह का नाम सुझाया था। सिंह विधानसभा में कांग्रेस के सबसे वरिष्ठतम नेताओं में से हैं और चंबल में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पूर्व उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाना एक अहम रणनीतिक फैसले के तौर पर देखा जा रहा है।