पर्चे पर श्रीहरि लिखने पर विवाद, एक्सपर्ट्स ने बताया नियमों का उल्लंघन, मंत्री बोलीं- इससे दवाओं का असर ज्यादा होगा

मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. सुबोध मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार यदि पर्चे पर श्रीहरि लिखने की व्यवस्था शुरू करना चाहती है, तो बाकायदा एनएमसी को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश और गाइडलाइन बनानी चाहिए।

Updated: Oct 19, 2022, 06:25 PM IST

पर्चे पर श्रीहरि लिखने पर विवाद, एक्सपर्ट्स ने बताया नियमों का उल्लंघन, मंत्री बोलीं- इससे दवाओं का असर ज्यादा होगा

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते दिनों डॉक्टरों आह्वान किया था कि हिंदी को बढ़ावा देने के लिए वे Rx की जगह श्रीहरि लिखें। हालांकि, इस अपील को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। एक्सपर्ट्स ने इसे नियमों का उल्लंघन करार दिया था। तो वहीं विपक्ष भी आक्रामक है।

मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. सुबोध मिश्रा ने कहा कि डॉक्टरी विधा का हर नियम नेशनल मेडिकल कमीशन तय करता है। पूरे देश में प्रिस्क्रिप्शन यानी दवा के पर्चे का एक तय फॉर्मेट है। यदि कोई मामला कोर्ट तक जाता है तो न्यायालय में इस बात का जवाब देना मुश्किल हो जाएगा कि आखिर दवा के पर्चे पर श्रीहरि किस आदेश और नियम के तहत लिखी गई हैं। राज्य सरकार यदि पर्चे पर दवाएं हिंदी में लिखने और पर्चे पर श्रीहरि लिखने की व्यवस्था शुरू करना चाहती है, तो बाकायदा एनएमसी को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश और गाइडलाइन बनानी चाहिए।'

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अरविंद जैन ने भी इसपर आपत्ति जताई है।उन्होंने कहा कि, 'दवाओं के पर्चे में जो Rx लिखा जाता है, उसकी जगह श्रीहरि लिखने की बात कही गई है। ये अनुवाद गलत है। Rx का मतलब है नीचे लिखी दवाई लीजिए। अब श्रीहरि लिखने से क्या मतलब निकलेगा, ये मैं नहीं समझ पा रहा हूं। मेडिकल फील्ड में सभी जाति, धर्म के लोग पढ़ते और प्रैक्टिस करते हैं। हो सकता है कि श्रीहरि लिखने में दूसरे धर्म के लोगों को आपत्ति हो। इसलिए NMC (नेशनल मेडिकल कमीशन) से चर्चा करनी चाहिए ताकि भ्रम की स्थिति न बने।'

यह भी पढ़ें: कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए मल्लिकार्जुन खड़गे, दोस्ताना मुकाबले में शशि थरूर को दी शिकस्त

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का कहना है कि ये डॉक्टरों की स्वतंत्रता का हनन है। बीजेपी-आरएसएस अपना एजेंडा सबके ऊपर थोपना चाहते हैं। डॉक्टरों को श्रीहरि लिखने की आज बात कही गई है, कल दूसरे धर्मों के लोग मांग करेंगे कि उनके धर्मों के नाम पर्चे पर लिखे जाएं। सरकार को चिकित्सा के क्षेत्र में इस प्रकार का वातावरण नहीं बनाना चाहिए। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भी इसे गलत बताया है।

वहीं शिवराज सरकार में संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने 'श्री हरि' लिखना सही बताया है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा लिखकर डॉक्टर देते हैं तो इससे दवा का प्रभाव और ज्यादा होगा। संस्कति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि श्री हरि लिख कर देने से दवाएं ओर भी प्रभावकारी होगी। श्री हरि ब्रह्मांड के सकल निर्माता हैं। श्री हरि पर आपत्ति लेने वालों की बुद्धि पर उन्हें खेद है।