MP में तूफान अर्नब से बदला मौसम का मिजाज, 33 जिलों में आंधी और बारिश का दौर

मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से 33 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। बेमौसम बारिश से मक्का और धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है।

Updated: Oct 30, 2026, 11:49 AM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश में 2 नवंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर समेत 33 जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की आशंका जताई है। दूसरी ओर बेमौसम बारिश से खेतों और मंडियों में रखी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। पांढुर्णा की कृषि मंडी में खुले में रखा मक्का भीगने से हजारों क्विंटल उपज खराब होने की आशंका है।

मौसम में आए बदलाव का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार को बारिश और ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के कई इलाकों में दिन के तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई थी। मऊगंज में शुक्रवार सुबह से रिमझिम बारिश हो रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति अलग अलग बनी रह सकती है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर मालवा, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

इसके विपरीत भोपाल, रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, देवास, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में मौसम साफ रहने तथा धूप निकलने की संभावना है।

प्रदेश में हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पांढुर्णा की मंडी में गुरुवार को खुले स्थान पर रखे मक्के के ढेर बारिश की चपेट में आ गए थे। इससे हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका जताई जा रही है। यदि नमी के कारण उपज की गुणवत्ता प्रभावित होती है तो किसानों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

छिंदवाड़ा सहित प्रदेश के कई जिलों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। ऐसे में बारिश से धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है। रायसेन के दशहरा मैदान में भी किसानों को अपनी उपज बचाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। वहां करीब 200 ट्रॉलियों में धान लेकर पहुंचे किसानों को बारिश से फसल सुरक्षित रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ी थी।

गुरुवार को भोपाल, सागर, सिंगरौली, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, सीहोर और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। हालांकि, इस बारिश से तुअर, कपास और संतरे की फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इन फसलों के लिए बारिश राहत दे सकती है। जबकि, कटाई या खुले में रखी उपज के लिए यह परेशानी का कारण बन रही है।

आंधी और बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में दिन के समय भी ठंडक महसूस की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। रात के तापमान में भी कई स्थानों पर ठंड का असर दिखाई दिया।

न्यूनतम तापमान के मामले में पचमढ़ी सबसे ठंडे स्थानों में रहा। वहां पारा 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नौगांव में न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री, अमरकंटक में 16.1 डिग्री, खरगोन और दमोह में 17 डिग्री। जबकि, धार में 17.1 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, 2 नवंबर तक प्रदेश में बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में किसानों को खेतों में खड़ी फसलों और मंडियों में खुले में रखी उपज को सुरक्षित रखने की जरूरत है।