पर्यटन मंत्री पर डकैती का आरोप लगाने वाले वन विभाग के रेंजर का तबादला

वन विभाग द्वारा ज़ब्त वाहनों को जबरन ले जाने का आरोप लगा था, पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है

Updated: Jan 19, 2021, 12:15 PM IST

पर्यटन मंत्री पर डकैती का आरोप लगाने वाले वन विभाग के रेंजर का तबादला
Photo Courtesy: India Tv

भोपाल। शिवराज सरकार में पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर के खिलाफ डकैती का आरोप लगाने वाले वन विभाग के डिप्टी रेंजर का तबादला कर दिया गया है। महू वन विभाग में डिप्टी रेंजर के पद पर पदस्थ राम सुरेश दुबे का तबादला मानपुर कर दिया गया है। दुबे की जगह पवन जोशी को महू के डिप्टी रेंजर के पद पर पदस्थ किया गया है।

मैं डरने वाला नहीं : राम सुरेश दुबे 

राम सुरेश दुबे की जगह जिन पवन जोशी को वन विभाग में डिप्टी रेंजर बनाया गया है, उनके बेटे का नाम भी राम सुरेश दुबे के पत्र में लिखा था। इस पूरे मामले में दुबे ने हाई कोर्ट का रूख किया है। उनका कहना है कि वे डरने वाले नहीं है। राम सुरेश दुबे ने कहा है कि उन्होंने अपनी सेवा के दौरान अवैध उत्खनन के 600 से ज़्यादा मामले और दस हजार से ज़्यादा लकड़ियों की कटाई और परिवहन के मामले पकड़े हैं। दुबे ने कहा कि उन्हें किसी का डर नहीं है। डिप्टी रेंजर ने कहा कि पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर और उनके साथियों द्वारा ज़बरदस्ती वाहन ले जाने का वीडियो भी है, लेकिन कोई डर के मारे वीडियो नहीं दे रहा है।  

क्या है मामला 

दरअसल राम सुरेश दुबे के मुताबिक महू के प्रतिबंधित वन क्षेत्र में अवैध सड़क निर्माण किया जा रहा था। सुरेश दुबे ने बताया कि इसके बाद वन विभाग की टीम ने जेसीबी और ट्रॉलियों को ज़ब्त कर लिया था। लेकिन वन विभाग की कार्रवाई से नाराज़ स्थानीय विधायक और पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर अपने समर्थकों के साथ आए और जेसीबी और ट्रॉलियों को जबरन ले गए। राम सुरेश दुबे ने इसके बाद बड़गोंदा थाने में डकैती की धाराओं में पर्यटन मंत्री और उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए आवेदन दिया था। हालांकि इसके बाद रेंजर ने डीआईजी को दिए अपने आवदेन में पर्यटन मंत्री का नाम हटा लिया था।

पर्यटन मंत्री का क्या कहना है 

पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को खारिज किया है। उषा ठाकुर का कहना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव का रास्ता बेहद खराब हो गया था। आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे थे। लिहाज़ा उन्होंने सड़क को ठीक करने के लिए वन विभाग से कई मर्तबा कहा भी था। लेकिन जब वन विभाग ने इस और ध्यान नहीं दिया तो मंडल अध्यक्ष मनोज पाटीदार ने अपने जेसीबी और ट्रैक्टर से अपने ही खेत की मिट्टी निकालकर सड़क ठीक कर दी।