ग्वालियर में 30 फीसदी तक महंगे हुए ड्राईफ्रूट्स, पश्चिम एशिया में तनाव के चलते सप्लाई प्रभावित

पश्चिम एशिया में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से ग्वालियर में ड्राईफ्रूट्स की सप्लाई प्रभावित हुई है। मामरा बादाम, पिस्ता और केसर के दाम 20-30% तक बढ़ गए हैं।

Updated: Mar 23, 2026, 10:56 AM IST

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की रसोई तक साफ दिखाई देने लगा है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी टकराव के चलते सूखे मेवों की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। जिसकी वजह खासतौर पर ईरानी ड्राईफ्रूट्स के दामों में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

स्थानीय बाजार में सबसे ज्यादा असर ईरान से आने वाले प्रीमियम उत्पादों जैसे मामरा बादाम, पिस्ता और केसर पर पड़ा है। युद्ध जैसी स्थिति के कारण इनकी आवक लगभग रुक गई है। जिससे बाजार में कमी और कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। व्यापारियों का कहना है कि सीमित स्टॉक के कारण मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बिगड़ गया है।

कीमतों की बात करें तो मामरा बादाम जो पहले 3200 से 3400 रुपये प्रति किलो बिक रहा था अब 3800 से 4000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। पिस्ता भी महंगा हुआ है। नमकीन पिस्ता 1500 से 1800 रुपये प्रति किलो और सादा पिस्ता 2300 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। जिसमें 300 से 500 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, केसर की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। यह 2.15 लाख रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.65 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

हालांकि, कुछ उत्पादों में अभी राहत बनी हुई है। ओमान और सऊदी अरब से आने वाले खजूर और किशमिश की सप्लाई पर फिलहाल ज्यादा असर नहीं पड़ा है। इसके अलावा काजू और मखाना जो मुख्य रूप से देश में ही उत्पादित होते हैं उनके दाम स्थिर बने हुए हैं।

बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के बजट पर पड़ रहा है। शादी सीजन के बावजूद लोग खरीदारी में कटौती कर रहे हैं। इसका असर हलवाइयों, होटल संचालकों और अन्य कारोबारियों पर भी पड़ा है। जिनकी लागत बढ़ने से मुनाफा प्रभावित हो रहा है।

व्यापारियों के मुताबिक, भारत में सूखे मेवों की बड़ी मात्रा ईरान और अफगानिस्तान से आती है। मौजूदा हालात में समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिससे बीमा प्रीमियम और माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है। इन कारणों से बाजार में कीमतें ऊपर जा रही हैं।

व्यापार जगत का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो मौजूदा स्टॉक खत्म होने के बाद कीमतों में और तेजी आ सकती है। ऐसे में आने वाले समय में ड्राईफ्रूट्स बाजार में संकट और गहरा सकता है।