राहुल गांधी की सांसदी रद्द हो, चुनाव लड़ने पर भी लगे रोक, बीजेपी ने लोकसभा में पेश किया प्रस्ताव

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने स्पीकर से मिलकर राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने और जीवन भर चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

Updated: Feb 12, 2026, 06:37 PM IST

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार चर्चाओं के केंद्र में बने हैं। राहुल गांधी को कई दिनों तक संसद में बोलने का मौका तक नहीं दिया गया। इसके बावजूद उनके आक्रामक रुख के कारण सत्तापक्ष बैकफुट पर है। अब भाजपा ने उनकी सदस्यता रद्द करने और उन्हें जीवन पर चुनाव लड़ने से रोकने का प्रस्ताव लेकर आई है।

BJP सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त कराने की मांग की है। निशिकांत दुबे ने स्पीकर को लिखे पत्र में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कथित “अनैतिक आचरण” की जांच के लिए एक संसदीय जांच समिति गठित करने की मांग की है। पत्र में उन्होंने राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त करने तक की कार्रवाई पर विचार करने का भी आग्रह किया है।

अपने पत्र में डॉ. दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संसद के भीतर और बाहर अपने आचरण से देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि संसद सदस्य होने के नाते जनप्रतिनिधियों पर एक नैतिक जिम्मेदारी होती है, जिसका निर्वहन सभी दलों के सांसद परंपरागत रूप से करते आए हैं, लेकिन राहुल गांधी इससे अलग आचरण करते रहे हैं। पिछले टर्म में मानहानि केस में सजा मिलने के बाद राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त हो गई थी। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राहुल गांधी की सदस्यता को फिर से बहाल किया गया।

पत्र में भाजपा सांसद ने यह भी आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी विभिन्न मंत्रालयों जैसे रक्षा, वित्त, वाणिज्य और विदेश मामलों से जुड़े मुद्दों पर बार-बार “अप्रमाणित” आरोप लगाकर जनभावनाओं को भड़काने का प्रयास करते रहे हैं। डॉ. दुबे ने राहुल गांधी पर विदेशी संगठनों, विशेषकर जॉर्ज सोरोस से जुड़े फाउंडेशन और फोर्ड फाउंडेशन से कथित संबंध होने का भी आरोप लगाया, हालांकि पत्र में इसके समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।

इसके अलावा, राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि कई यात्राएं बिना आधिकारिक जानकारी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के की गईं। इन यात्राओं की फंडिंग को लेकर जांच की जरूरत है। डॉ. दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय जैसी संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी आरोप “हिमखंड का सिरा मात्र” हैं और इस पर संसद में चर्चा के साथ-साथ एक जांच अनिवार्य है। इस पत्र पर राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।