कांग्रेस में शामिल होंगी बीजेपी की पूर्व विधायक पारुल साहू

MP By Poll 2020: बीजेपी में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों को तवज्जो और अवसरवाद बढ़ने से नाराज है पारुल साहू, सुरखी से गोविंद सिंह राजपूत के विरुद्ध लड़ सकती हैं चुनाव

Updated: Sep-18, 2020, 05:38 PM IST

कांग्रेस में शामिल होंगी बीजेपी की पूर्व विधायक पारुल साहू

भोपाल। बीजेपी की पूर्व विधायक पारुल साहू शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं। सुरखी से 2013 में विधायक रही पारुल साहू ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही कयास लगाए जाने लगे थे कि वे कांग्रेस का हाथ थाम सकती हैं। 

पारुल साहू के गुरुवार को भोपाल में सक्रिय होने पर चर्चा चली थीं कि उन्हें सीएम शिवराज सिंह ने बुला कर असंतोष खत्म करने की कोशिश की है। इस बीच उनके कांग्रेस में शमिल होने की खबर आ गई। रात में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के ट्वीट से स्थिति साफ हो गई। पीसी शर्मा ने आरम्भ है प्रचण्ड, बोले मस्तकों के झुंड आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो आन बान शान या, कि जान का हो दान आज इक धनुष के बाण पे उतार दो आरम्भ है प्रचण्ड...पंक्तियों के साथ कमल नाथ और पारुल साहू का फोटो ट्वीट किया था

पारुल साहू सुरखी विधानसभा सीट से बीजेपी की विधायक रह चुकी हैं। 2013 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े गोविन्द सिंह राजपूत को उन्होंने हराया था। हालांकि 2018 विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने पारुल साहू को अपना उम्मीदवार नहीं बनाया। अब जबकि प्रदेश में उपचुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस के बागी नेता गोविंद सिंह राजपूत बीजेपी की ओर से सुरखी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। 

पारुल साहू चूंकि गोविन्द सिंह राजपूत को पहले ही पटखनी दे चुकी हैं। ऐसे में पारुल साहू के कांग्रेस में शामिल होने से बीजेपी की स्थिति सुरखी विधानसभा सीट पर कमज़ोर हो जाएगी। जो कि बीजेपी के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित हो सकता है।

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बीजेपी की रीति नीतियों पर नाराजी जता चुकी हैं पारुल 

2018 के विधानसभा में बीजेपी चुनाव में टिकट से वंचित रही पारुल साहू उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने ने बीजेपी की चाल चरित्र और चेहरा बदलने पर नाराजी जताई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों को पार्टी के ज़मीनी नेताओं से ज्यादा तवज्जों दिए जाने का विरोध करते हुए पारुल साहू ने कहा था कि कहीं यह राजनीतिक देहज प्रताड़ना, तलाक का कारण न बन जाए।