Narayan Patel: महिलाओं के सवालों से घबराकर उल्टे पांव लौटे बागी विधायक

MP News: खण्डवा की मांधाता विधानसभा सीट से पूर्व कांग्रेसी विधायक नारायण पटेल तब परेशानी में पड़ गए जब उनके क्षेत्र की महिलाओं ने राशन ना मिलने की शिकायत लेकर उनसे सवाल किए। जवाब देते नहीं बना तो वे बिना रुके लौट पड़े।

Updated: Sep 07, 2020 04:21 PM IST

Narayan Patel: महिलाओं के सवालों से घबराकर उल्टे पांव लौटे बागी विधायक

खंडवा। मध्यप्रदेश में उपचुनाव से पहले ही कांग्रेस छोड़ बीजेपी में गए बागियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। बागियों को अपने क्षेत्र की जनता ही लताड़ रही है। क्षेत्र में जहां जा रहे हैं, वहां जानता उनसे सवाल कर रही है, जवाब देते नहीं बन रहा तो जानता उन्हें गद्दार कहकर धुतकार रही है। 

ताज़ा मामला खण्डवा के मांधाता विधानसभा क्षेत्र का है। यहां के विधायक नारायण पटेल हाल ही में कांग्रेस का दामन छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उपचुनाव आने से पहले जब वे अपने क्षेत्र में जानता का मूड टटोलने पहुंचे। तब उनको इतना विरोध झेलना पड़ा कि विधायक की हालत खराब हो गई। 

पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। नारायण पटेल से क्षेत्र की ही महिला वोटरों ने उनसे राशन की उपलब्धता न होने को लेकर सवाल किया। विधायक पटेल को जवाब देते नहीं पड़ रहा था, वीडियो में साफ दिखाई दे रहा था कि नारायण पटेल के पसीने छूट रहे हैं। पूरे वीडियो में नारायण पटेल बस रुमाल से अपने पसीने को साफ कर रहे हैं। आक्रोशित महिलाएं उनसे लगातार सवाल कर रही हैं, लेकिन विधायक जी के पास कोई जवाब ही नहीं है। महिलाओं के सवालों का जवाब देने में असमर्थ विधायक आखिरकार वहां से फौरन विदा ले लेते हैं।  

बता दें कि कांग्रेस छोड़ बीजेपी में जाने वाले विधायक जब भी अपने क्षेत्र में जा रहे हैं, वहां उनका जमकर विरोध हो रहा है। यही हाल बड़ा मल्हरा से सीट से पूर्व कांग्रेसी विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी का है। नेपानगर की सुमित्रा देवी कास्डेकर, बदनावर के राज्यवर्धन सिंह दत्तिगांव, दिमनी के गिर्राज दंडोतिया, अशोकनगर के जजपाल सिंह जज्जी, सांवेर के तुलसीराम सिलावट इन सबसे जनता अपने वोट का हिसाब मांग रही है। गिर्राज दंडोतिया ने तो एक बार विरोध न सहन होने पर युवाओं को झूठे केस में फंसाने की धमकी तक दे डाली। उधर अशोकनगर के जजपाल सिंह जज्जी ने तो विरोध कर रही जनता को यहां तक कह डाला कि वोट नहीं देना तो मत दो, लेकिन गाली मत दो।