अतिथि विद्वानों ने सरकार को दी 3 अक्टूबर तक की मोहलत, मांगें पूरी नहीं होने पर विद्वान जनता पार्टी बनाने का ऐलान
प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि सरकार को समस्या के समाधान के लिए समय दिया गया है।
भोपाल। नियमितीकरण और नौकरी में स्थायित्व की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा अतिथि विद्वानों का आंदोलन 3 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि सरकार को समस्या के समाधान के लिए समय दिया गया है। 3 अक्टूबर तक फॉलन आउट प्रक्रिया रोकने और नीति बनाने पर ठोस फैसला नहीं हुआ तो 4 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने की बात कही गई है।
इसके साथ ही अतिथि विद्वानों ने मंत्री इंदर सिंह परमार के सुझाव के आधार पर राजनीतिक पार्टी बनाने और चुनाव लड़ने पर भी फैसला लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो 'विद्वान जनता पार्टी' के बैनर तले वे चुनावी मैदान में उतरेंगे। अतिथि विद्वान डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि 15 सितंबर को सांकेतिक रूप से ‘विद्वान जनता पार्टी’ (वीजेपी) के गठन की घोषणा की जा चुकी है। डॉ. सिंह ने कहा कि यदि फॉलन आउट नहीं रोका गया तो मंत्री इंदर सिंह परमार के सुझाव के आधार पर अतिथि विद्वान अपनी पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने पर निर्णय लेंगे।
सिंह ने बताया कि उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा मंत्री इंदर सिंह परमार के प्रतिनिधि के रूप में नीलम पार्क पहुंचे थे। प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि जब तक स्थायित्व की नीति नहीं बन जाती, तब तक फॉलन आउट की प्रक्रिया रोकी जाए। बता दें कि प्रदर्शनकारी अतिथि विद्वान नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए नीति बनाने तथा जब तक नीति लागू नहीं होती, तब तक फॉलन आउट की प्रक्रिया रोकने की मांग कर रहे हैं।




