राघौगढ़ पहुंची सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा, गृह नगर में अपनों के स्नेहिल स्वागत से अभिभूत हुए दिग्विजय सिंह

दीपावली के पांच दिवसीय अवकाश के बाद 11 नवंबर से राघौगढ़ से पुनः प्रारंभ होगी पदयात्रा, ओरछा होते हुए अयोध्या धाम की ओर बढ़ेंगे कदम

Updated: Nov 05, 2026, 08:02 PM IST

राघौगढ़/गुना। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा गुरुवार को राघौगढ़ नगर पहुंची। दिग्विजय सिंह के गृह नगर राघौगढ़ में प्रवेश करते ही यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। राघौगढ़ विधायक एवं पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने पदयात्रियों का आत्मीय अभिनंदन किया।

यात्रा सुबह ग्राम बरखेड़ा से शुरू हुई। इस दौरान ग्राम सागर, पीलाघाटा जोड़, फेकरा, मोतीपुरा जोड़, बसंतपुरा जोड़, सावतखेड़ी और संजय सागर बांध जोड़ होते हुए पदयात्री रामनगर पहुंचे। यहां दोपहर भोजन और विश्राम के बाद यात्रा पुनः प्रारंभ हुई और नौहर जोड़, कड़ैया जोड़ होते हुए पाटई आश्रम पहुंची। इस दौरान महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ यात्रा का स्वागत किया। 

पाटई आश्रम स्थित श्री हनुमान मंदिर में आरती के बाद पदयात्रा का विराम हुआ। इसके साथ ही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में पांच दिनों का दिवाली अवकाश घोषित किया गया है। अब 11 नवंबर को पाटई आश्रम से ही पदयात्रा पुनः शुरू होगी और आगे अयोध्या की ओर रवाना होगी। दिवाली अवकाश के दौरान यात्रा में शामिल पदयात्री अपने-अपने घर जाकर परिवार के साथ दीपावली का पर्व मना सकेंगे। वहीं, जो यात्री इस अवधि में यात्रा स्थल पर ही रुकना चाहेंगे, उनके लिए पाटई आश्रम में पांच दिनों तक ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेंगी। इस तरह सभी यात्रियों को अपनी सुविधानुसार दीवाली मनाने का अवसर मिलेगा।

दिग्विजय सिंह द्वारा उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही करीब 1000 किलोमीटर की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दो मुख्य उद्देश्य हैं। यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह लगातार कह रहे हैं कि चंदा चोरी और वोट चोरी इन दो मुद्दों को लेकर यह यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर सहित देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में प्राप्त होने वाले चंदे और चढ़ावे के दुरुपयोग ने सनातनियों के आस्था को ठेस पहुंचाया है। इस चोरी के विरुद्ध जनजागरण करना तथा धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और शुचिता की मांग को जन-जन तक पहुंचाना यात्रा का उद्देश्य है। 

दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म का संदेश है- 'धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो और विश्व का कल्याण हो।' उन्होंने कहा कि सनातन धर्म पूरे विश्व को एक कुटुंब मानता है। यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं की आस्था और उनके द्वारा अर्पित दान की पवित्रता बनाए रखने का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश का लोकतंत्र भी खतरे में है। जिस तरह मंदिरों में नोट चोरी हो रही उसी तरह हमारे लोकतांत्रिक देश में वोट चोरी भी हो रही है। इन दोनों चोरी के विरुद्ध हम बाबा महाकाल और प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लेकर विभिन्न गांवों और कस्बों से गुजरते हुए लोगों तक सत्य, सनातन और स्वाभिमान का संदेश पहुंचा रहे हैं। सिंह ने बताया कि दिवाली अवकाश के बाद 11 नवंबर को पाटई आश्रम से यात्रा का अगला चरण शुरू होगा।