MP से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने गए हरदीप सिंह पुरी, निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती देगी कांग्रेस

हरदीप सिंह पुरी के नामांकन में 100 से ज्यादा कमियां होने का दावा करते हुए कांग्रेस ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं। लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने सभी आपत्तियां खारिज कर दीं।

Updated: Nov 05, 2026, 06:27 PM IST

भोपाल। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुन लिए गए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने गुरुवार को हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाणपत्र लिया। इसी के साथ अब पुरी की राज्यसभा में एंट्री तय हो गई है। पुरी के निर्वाचन को विपक्षी दल कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। 

दरअसल, विपक्षी दल कांग्रेस ने हरदीप सिंह पुरी के नामांकन में 100 से ज्यादा त्रुटियां होने का दावा किया था। पार्टी ने इसे लेकर आपत्तियां भी दर्ज कराई थीं। कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री की पत्नी के नाम, विदेशी संपत्तियों और बैंक खातों की जानकारी पर सवाल उठाए थे। हालांकि, रिटर्निंग ऑफिसर ने सभी आपत्तियां खारिज कर दीं। इस तरह वे निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए।

हरदीप पुरी के निर्वाचन को कांग्रेस हाईकोर्ट में चुनौती देगी। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। भारतीय जनता पार्टी इस देश में चुनाव प्रक्रिया को दूषित कर रही है। हम इसके विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय की शरण में जाएंगे। त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि न्यायालय उनके पक्ष को सुनने के बाद हरदीप सिंह पुरी की सदस्यता शून्य कर देगा।

त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि हरदीप सिंह पुरी ने नामांकन प्रक्रिया तक पूरा नहीं की थी। उन्होंने अपनी आय के स्रोत से लेकर जमा पूंजी तक की स्पष्ट जानकारी नहीं दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हरदीप सिंह पूरी के स्विस बैंक में खाते हैं, लेकिन उन्होंने नामांकन फॉर्म में इसकी जानकारी भी नहीं दी है।

बता दें कि कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी पुरी के खिलाफ निर्दलीय राजकुमार लोहानी को समर्थन दिया था। उन्होंने कांग्रेस विधायकों के समर्थन से नामांकन दाखिल किया था, लेकिन अनिवार्य फॉर्म-26 शपथपत्र संलग्न नहीं होने के कारण उनका पर्चा निरस्त कर दिया गया। लोहानी ने दस्तावेजों की कमी दूर करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने मांग स्वीकार नहीं की। लोहनी ने भी निर्वाचन अधिकारी के इस फैसले के विरुद्ध हाईकोर्ट जाने का ऐलान किया है।