दिल्ली के चांदनी चौक में ढही निर्माणाधीन इमारत, 2 की मौत और 15 लोगों के दबे होने की आशंका

दिल्ली के चांदनी चौक स्थित चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गुरुवार सुबह एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। जबकि, मलबे में 15 लोगों के फंसे होने की आशंका है।

Updated: Nov 05, 2026, 02:07 PM IST

नई दिल्ली। दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सत्तारा में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। दमकल विभाग के अनुसार, मलबे में करीब 15 लोगों के फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव दल मौके पर लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। प्रशासन को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी और लोग हो सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 9:50 बजे हुआ। इमारत गिरने की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की छह गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद NDRF, दिल्ली पुलिस और नगर निगम (MCD) की टीमें भी बचाव अभियान में शामिल हो गई। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं।

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घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद नईम के मुताबिक, इस इमारत का निर्माण पिछले तीन से चार महीनों से किया जा रहा था। इस दौरान बिल्डिंग में तीन से चार लिंटर डाले जा चुके थे। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के वक्त मौके पर करीब तीन से चार लोग मौजूद थे। इमारत का हिस्सा गिरने के बाद सभी लिंटर एक साथ नीचे आ गए। उन्होंने एक व्यक्ति का शव मलबे से बाहर निकाले जाते हुए भी देखा।

हादसे के बाद आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार और MCD की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा को लेकर कई बार ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद लगातार बिल्डिंग गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

उन्होंने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों की ओर से रिश्वत नहीं दी जाती उनकी इमारतों को सील कर दिया जाता है। जबकि, दूसरी इमारतों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। भारद्वाज ने दमकल विभाग और SDM कार्यालयों में भी कथित वसूली का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने ग्रेटर कैलाश 2 में दो जिम को सील किए जाने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।

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चांदनी चौक की घटना इस साल दिल्ली में इमारत ढहने का छठा बड़ा मामला है। इससे पहले पांच अलग-अलग हादसों में 21 लोगों की जान जा चुकी है। इन घटनाओं में मजदूरों के साथ छात्र और अन्य लोग भी शामिल थे।

इस साल 30 मई को सैदुलाजाब इलाके के वेस्टर्न मार्ग पर चार मंजिला व्यावसायिक इमारत गिर गई थी। इसमें कोचिंग सेंटर, कैफे और ऑफिस चल रहे थे। इमारत का मलबा पास की कैंटीन पर भी जा गिरा था जहां उस समय छात्र मौजूद थे। इस हादसे में छह लोगों की मौत हुई थी। जबकि, 13 लोग घायल हुए थे।

इसके बाद 8 जुलाई को रोहिणी सेक्टर-16 में बारिश के दौरान दो निर्माणाधीन इमारतें ढह गई थी। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 21 अगस्त को करोल बाग के रेगरपुरा इलाके में प्यारे लाल रोड पर एक इमारत का हिस्सा गिर गया था। यहां तोड़फोड़ का काम चल रहा था। मलबे की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हुई और दो लोग घायल हुए थे।

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6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की जान चली गई थी। इस बिल्डिंग में लड़कों का पीजी चलता था। हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। घटना में पांच अन्य लोग घायल हुए थे। वहीं, 7 अक्टूबर को सीमापुरी में चार मंजिला इमारत का अगला हिस्सा ढह गया था। हादसे में आसपास मौजूद लोग भी मलबे की चपेट में आ गए थे। बचाव दल ने 11 लोगों को बाहर निकाला था। इस घटना में चार लोगों की मौत हुई थी और आठ लोग घायल हुए थे।