MP: देवउठनी ग्यारस पर बाल विवाह रोकने प्रदेशभर में चलेगा अभियान, गांव और वार्ड स्तर पर बनेंगे सूचना दल

नागरिक बाल विवाह की जानकारी महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सेवा 112 पर दे सकेंगे। इसके अलावा बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।

Updated: Nov 05, 2026, 04:59 PM IST

भोपाल। देवउठनी ग्यारस पर 20 नवंबर को होने वाले सामूहिक विवाह आयोजनों को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाएगी। इसके तहत गांव और वार्ड स्तर पर सूचना दल गठित किए जाएंगे, जबकि जिला और ब्लॉक स्तर पर 24 घंटे सक्रिय रहने वाले कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। बाल विवाह की आशंका वाले स्थानों पर उड़न दस्ते पहुंचकर निरीक्षण करेंगे।

महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव जीवी रश्मि ने मीडिया को बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत प्रदेश में बाल विवाह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और निगरानी बढ़ाई जाएगी। अभियान के तहत 20 नवंबर को ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों और पार्षदों को बाल विवाह नहीं होने देने की शपथ दिलाई जाएगी। शपथ पत्र पंचायत और वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएंगे।

देवउठनी ग्यारस के विवाह मुहूर्त से एक सप्ताह पहले स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसकी शिकायत के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन की जानकारी दी जाएगी। वहीं, स्वसहायता समूहों की महिलाएं परिवारों से संवाद कर उन्हें बाल विवाह नहीं करने के लिए प्रेरित करेंगी।

बाल विवाह की आशंका वाले परिवारों की पहचान के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, ग्राम कोटवारों और पंचायत सचिवों के माध्यम से 18 वर्ष से कम उम्र की अविवाहित किशोरियों की जानकारी जुटाई जाएगी। इस काम में शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी, पंचायत प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा। सूचना दल संभावित बाल विवाह की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएंगे, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों के नेतृत्व में उड़न दस्ते गठित किए जाएंगे। ये दस्ते सामूहिक विवाह स्थलों का निरीक्षण कर बाल विवाह की आशंका वाले मामलों पर नजर रखेंगे। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नागरिक बाल विवाह की जानकारी महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सेवा 112 पर दे सकेंगे। इसके अलावा बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। सभी जिलों को रोके गए बाल विवाह और जागरूकता गतिविधियों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज करने के साथ कार्रवाई प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।