गांधी जयंती पर कट्टरपंथी हिंदू संगठन ने बापू के हत्यारे गोडसे की मूर्तियां लगाने का किया ऐलान

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक बार फिर लगे गोडसे जिंदाबाद के नारे, गांधी जयंती पर बापू के हत्यारे का महिमामंडन की शर्मनाक कोशिश, कट्टरपंथियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

Updated: Oct 02, 2021, 04:24 PM IST

गांधी जयंती पर कट्टरपंथी हिंदू संगठन ने बापू के हत्यारे गोडसे की मूर्तियां लगाने का किया ऐलान

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक बार फिर गोडसे जिंदाबाद की नारेबाजी हुई है। यहां कट्टरपंथी हिंदू संगठनों ने गांधी जयंती के मौके पर ऐलान किया है कि देशभर में बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे की मूर्तियां लगाई जाएंगी। हैरानी की बात ये है कि हर साल की तरह ही इस साल भी मुट्ठीभर कट्टर लोग ग्वालियर में राष्ट्रपिता के खिलाफ नारेबाजी करते रहे लेकिन पुलिस-प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।

दरअसल, कट्टरपंथी संगठन हिंदू महासभा ने ग्वालियर में गांधी और हुतात्मा गोडसे, आप्टे विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया था। इस दौरान हिंदू महासभा के नेताओं ने हत्यारे गोडसे और उसके मददगार नारायण आप्टे को सबसे बड़ा देशभक्त बताया। उन्होंने यहां गोडसे की तस्वीर की पूजा-अर्चना भी की। साथ ही पाठ्यपुस्तक में गोडसे की गाथा शामिल करने की मांग की। इतना ही नहीं उन्होंने ऐलान किया कि देशभर में गोडसे की मूर्तियां लगाई जाएगी। 

कार्यक्रम के दौरान उठो जवानों ठोको खंब, चलो कराची फेंको बम और हिंदू सेवा प्रचंड हो, भारत देश अखण्ड हो जैसे नारे भी लगाए गए। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब ग्वालियर में इस तरह के आयोजन हुए हैं। हिंदू महासभा के लोग हर साल गांधी जयंती व अन्य मौकों पर इस तरह के शर्मनाक आयोजन करते हैं। साल 2017 तो यहां गोडसे का मंदिर स्थापित करने की भी कोशिश हो चुकी है।

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अब सवाल यह उठता है कि क्या महात्मा गांधी के देश में अब उनके हत्यारे गोडसे की गाथा गाई जाएगी? देश के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे का मंदिर बनाया जाएगा? सवाल यह भी है कि क्या मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार इस तरह की हरकतों को सही मानती है? अगर नहीं तो उसकी पुलिस की छत्रछाया में ऐसे कार्यक्रमों की इजाजत क्यों दी जाती है? हत्या और हिंसा की विचारधारा को न सिर्फ जायज ठहराने, बल्कि उसके महिमामंडन की ऐसी शर्मनाक कोशिशें सरकार और प्रशासन द्वारा बार-बार नजरअंदाज किए जाने के कारण ही बार-बार की जाती हैं। 

हैरानी की बात है कि जिस गोडसे को आज़ादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेजों पर कभी गुस्सा नहीं आया, उसने देश की आज़ादी के महानायक और तमाम स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्श बापू की हत्या कर दी। फिर भी कुछ लोग गलत जानकारियों के भ्रमजाल और नफरत की भावना में उलझकर हत्यारे को आदर्श बताने की भयंकर भूल करते हैं। इसी का नतीजा है कि सोशल मीडिया पर आज सुबह से गोडसे के समर्थन में हैशटैग ट्रेंड कर रहे थे।