Indigo पर चला DGCA का चाबुक, 22.2 करोड़ का जुर्माना लगाया
DGCA ने दिसंबर 2025 में हजारों फ्लाइट कैंसिल और लेट होने के मामले में इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया है। FDTL नियमों के उल्लंघन, खराब क्रू प्लानिंग और कमजोर ऑपरेशन मैनेजमेंट को जिम्मेदार माना गया है।
नई दिल्ली। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एयरक्राफ्ट रूल्स 1937 के रूल 133A के तहत की गई है। दिसंबर 2025 की शुरुआत में बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के मामले में DGCA ने इंडिगो को गंभीर लापरवाही का दोषी माना है।
DGCA के मुताबिक, इस जुर्माने में ₹1.80 करोड़ का एकमुश्त दंड शामिल है। इसके अलावा फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का लगातार 68 दिनों तक पालन नहीं करने पर प्रतिदिन ₹30 लाख के हिसाब से ₹20.40 करोड़ का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है। कुल मिलाकर यह राशि ₹22.20 करोड़ बैठती है।
यह कार्रवाई 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच इंडिगो की ऑपरेशनल विफलताओं के बाद की गई। इस दौरान इंडिगो की 2507 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं थीं। जबकि, 1852 फ्लाइट्स तय समय से देरी से संचालित हुईं थी। इन अव्यवस्थाओं के चलते तीन लाख से ज्यादा यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MOCA) के निर्देश पर DGCA ने पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इस कमेटी ने इंडिगो के नेटवर्क प्लानिंग, क्रू रोस्टरिंग सिस्टम और इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर सिस्टम की गहन जांच और स्टडी की। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए गए थे।
कमेटी की रिपोर्ट में इंडिगो मैनेजमेंट की कई गंभीर चूक सामने आई है। जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने ऑपरेशन में देरी या किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की थी। साथ ही संशोधित FDTL नियमों को सही तरीके से लागू नहीं किया गया। जिसका सीधा असर उड़ानों की निरंतरता और यात्रियों की सुविधा पर पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो ने क्रू, विमान और नेटवर्क संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जरूरत से ज्यादा जोर दिया। इससे क्रू रोस्टर में अतिरिक्त गुंजाइश बेहद सीमित रह गई। डेड-हेडिंग, टेल स्वैप, लंबी ड्यूटी अवधि और न्यूनतम आराम समय जैसी व्यवस्थाओं ने पूरे फ्लाइट ऑपरेशन सिस्टम को कमजोर कर दिया और बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन की स्थिति बनी।
DGCA ने इस मामले में इंडिगो के सीनियर अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की है। इंटरग्लोब एविएशन के CEO को फ्लाइट ऑपरेशन और क्राइसिस मैनेजमेंट में कमी के लिए कॉशन जारी किया गया है। अकाउंटेबल मैनेजर और COO को विंटर शेड्यूल 2025 और संशोधित FDTL नियमों के प्रभाव का सही आकलन न करने पर औपचारिक वार्निंग दी गई है।
इसके अलावा सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने के निर्देश दिए गए हैं और भविष्य में किसी भी अकाउंटेबल पद पर उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई गई है। डिप्टी हेड–फ्लाइट ऑपरेशंस, AVP क्रू रिसोर्स प्लानिंग और डायरेक्टर फ्लाइट ऑपरेशंस को भी ऑपरेशनल और मैनपावर प्लानिंग में चूक के लिए चेतावनी दी गई है।
इंडिगो एयरलाइंस ने DGCA की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह नियामक के सभी आदेशों का पूरी तरह पालन करेगी। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि जरूरी सुधारात्मक कदम समयबद्ध तरीके से उठाए जाएंगे। इंडिगो के बोर्ड और मैनेजमेंट के अनुसार, हालिया घटनाक्रम के बाद आंतरिक स्तर पर काम करने के तरीकों, सिस्टम और संचालन को मजबूत करने के लिए विस्तृत जांच और समीक्षा की जा रही है।
DGCA ने इंडिगो को निर्देश दिया है कि आंतरिक जांच में जिन अन्य अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होती है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए और इसकी स्टेटस रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपी जाए। नियामक ने साफ शब्दों में कहा है कि भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
DGCA ने यह भी स्पष्ट किया है कि एयरलाइनों को उड़ान संचालन की व्यावहारिक योजना, नियमों के सख्त पालन और जिम्मेदार प्रबंधन ढांचे के साथ काम करना होगा ताकि इस तरह की स्थिति दोबारा न पैदा हो और यात्रियों का भरोसा बना रहे।




