Vivek Tankha की पहल पर रोशनी का स्‍कूल तक का सफर आसान होगा

MP 10 th board toppers : रोशनी के संघर्ष को देखते हुए उसे नरेश त्रेहन और पंकज मुंजाल भेंट करेंगे इलेक्ट्रिक सायकिल

Publish: Jul-07, 2020, 07:43 PM IST

Vivek Tankha की पहल पर रोशनी का स्‍कूल तक का सफर आसान होगा
source : thelogicalindian.com

भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड की अजनोल गांव निवासी 10 वीं बोर्ड की टॉपर रोशनी भदौरिया को अब स्‍कूल आने जाने के लिए इलेक्ट्रिक सायकिल मिलेगी। अब तक वह 24 किलोमीटर स्‍कूल साइकिल से आती जाती है। कांग्रेस सांसद विवेक तन्‍खा की पहल के बाद रोशनी की सहायता के लिए कई लोग आगे आए हैं।

सांसद तन्‍खा ने जब रोशनी के संघर्ष को सोशल मीडिया पर शेयर किया तो मेदांता अस्पताल के संस्थापक नरेश त्रेहन और हीरो साइकिल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर उद्योगपति पंकज मुंजाल ने रोशनी को इलेक्ट्रिक सायकिल भेंट करने का निर्णय लिया है। ताकि रोशनी अपने आगे की शिक्षा आसानी से ग्रहण कर पाए। इसमें इलेक्ट्रिक सायकिल रोशनी की मदद करेगी।

रोशनी को हीरो लेक्ट्रो सायकिल भेंट की जाएगी। इसकी बाज़ार में कीमत लगभग 25 हज़ार रुपए है। सायकिल में 250 वॉट का मोटर है। सायकिल की अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटा है। रोशनी को भेंट की जाने वाली सायकिल में और भी कई खासियत हैं। सायकिल में स्मार्ट एलईडी कंट्रोलर भी है।

स्कूल का सफर बदल नहीं सकते तो कम से कम कठिनाई तो कम कर सकते हैं 
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने रोशनी को भेंट की जाने वाली सायकिल पर अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि यदि हम 24 किलोमीटर के स्कूल के सफ़र को बदल नहीं सकते तो तो कम से कम सफ़र की कठिनाई को कम किया जा सकता है। विवेक तन्खा ने ट्वीट किया है कि मेदांत अस्पताल के मुखिया डॉक्टर नरेश त्रेहान और भारत के नामी उद्योगपति मुंजाल जी भिंड की रोशनी भदौरिया के संघर्ष से प्रभावित उसे इलेक्ट्रिक साइकल भेंट करेंगे। 

 

अपनी पहल पर मिले इस सहयोग पर तन्‍खा ने कहा कि हम 24 किलोमीटर स्कूल जाने का सफ़र बदल नहीं सकते तो सफ़र की कठिनाई तो कम कर सकते हैं।

रोशनी और पिता ने आभार व्यक्त किया
हाल ही में घोषित हुए मध्य प्रदेश के दसवीं के परिणाम में रोशनी को राज्य भर में आठवां स्थान प्राप्त हुआ है। रोशनी को दसवीं में 98 प्रतिशत से भी ज़्यादा अंक प्राप्त हुए हैं। रोशनी खुद आगे चल कर एक आईएएस बनना चाहती है। रोशनी और उसके पिता पुरषोत्तम भदौरिया ने नरेश त्रेहन और पंकज मुंजाल को इस उपहार के लिए आभार व्यक्त किया है। रोशनी के पिता एक किसान हैं। वे अजनोल में खेती कर अपना और परिवार का जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में रोशनी को उपहार में दी जाने वाली सायकिल उसके सपनों को पंख देने का काम करेगी।