12 वर्षों में लोकतंत्र और सामाजिक ताने-बाने को पहुंचा गहरा नुकसान, अब लोगों को हो रहा एहसास: सोनिया गांधी
सोनिया गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार के जाने के बाद देश में सुशासन की वापसी होगी, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं को फिर से मजबूत करने में समय लगेगा।
नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतांत्रिक ढांचे, संवैधानिक संस्थाओं और सामाजिक ताने-बाने को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हालांकि, अब आम लोगों को इस नुकसान का एहसास होने लगा है और मौजूदा हालात को लेकर उनमें बेचैनी बढ़ रही है।
सोनिया गांधी ने ये बातें अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' को दिए एक इंटरव्यू में कहीं। अपनी आगामी पुस्तक 'Belonging: A Journey of Love' के प्रकाशन से पहले दिए इस इंटरव्यू में उन्होंने देश के राजनीतिक हालात, कांग्रेस की भूमिका और विपक्षी एकजुटता समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
सोनिया गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार के जाने के बाद देश में सुशासन की वापसी होगी, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं को फिर से मजबूत करने में समय लगेगा। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को गंभीरता से सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने देश के भविष्य को लेकर आशावाद जताते हुए कहा कि लोग बेहतर शासन व्यवस्था की वापसी का स्वागत करेंगे।
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में विपक्ष को चुनाव लड़ने के लिए समान अवसर नहीं मिल रहे हैं। सरकार का चुनाव आयोग समेत तमाम संस्थाओं पर नियंत्रण है और मुख्यधारा का मीडिया भी उसके प्रभाव में है। उन्होंने कहा कि धनबल और धर्म का इस्तेमाल कर राजनीतिक मुकाबले को प्रभावित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों और उत्पीड़न के बावजूद कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता गांव से लेकर जिला स्तर तक संविधान के मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हाल के महीनों में चुनावों में गड़बड़ी और चुनाव चोरी को लेकर सामने आई बातों से लोग पहले की तुलना में अधिक जागरूक हुए हैं।
विपक्षी एकजुटता को लेकर सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर काम कर रही है। मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी ने जिस तरह खुद को संभाला है, वह उसकी मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस की राजनीतिक संभावनाएं दिन-ब-दिन बेहतर हो रही हैं।
भाजपा और आरएसएस के साथ किसी भी तरह के राजनीतिक समझौते की संभावना को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी इन संगठनों के साथ समझौता नहीं किया और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सभी नागरिकों को बिना किसी डर के अपने धर्म और विश्वास का पालन करने के संवैधानिक अधिकार के साथ खड़ी है।
सोनिया गांधी की पुस्तक 'Belonging: A Journey of Love' 10 नवंबर को हार्परकॉलिन्स इंडिया से प्रकाशित होने वाली है। इसमें उन्होंने अपने निजी जीवन, भारत से जुड़ाव, राजनीतिक सफर और देश के मौजूदा हालात पर अपने विचार साझा किए हैं।




