गाजियाबाद पुलिस चौकी में धमाका, तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान ने ली हमले की जिम्मेदारी

धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच के लिए आगरा भेजे गए हैं।

Updated: Nov 07, 2026, 05:38 PM IST

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी में शुक्रवार रात हुए धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। धमाके में चौकी की दो खिड़कियों के शीशे टूट गए और दीवार में दरार आ गई। इस दौरान कांच के टुकड़े लगने से एक डिलीवरी बॉय घायल हो गया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' नाम के संगठन की ओर से धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार 6 नवंबर की रात करीब 9 बजे वसुंधरा पुलिस चौकी के पिछले हिस्से में धमाका हुआ। घटना के वक्त चौकी में एक सब-इंस्पेक्टर मौजूद थे। वहीं, सामान की डिलीवरी करने पहुंचा एक युवक भी इसकी चपेट में आ गया। उसे कांच के टुकड़ों से चोट आई, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, युवक अब पूरी तरह स्वस्थ है।

धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच के लिए आगरा भेजे गए हैं। उत्तर प्रदेश एटीएस भी मामले की जांच में जुट गई है। एटीएस के डीआईजी अभिषेक यादव ने वसुंधरा पुलिस चौकी पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया।

धमाके के बाद 'गाजी 2' नाम के एक एक्स अकाउंट से सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो साझा किया गया। इसमें 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' नाम के संगठन की ओर से पुलिस चौकी में हुए धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पोस्ट में पुलिस को निशाना बनाने और आगे भी ऐसे ऑपरेशन करने की धमकी दी गई थी। हालांकि, बाद में यह पोस्ट सोशल मीडिया से हटा दी गई।

जांच एजेंसियां इस पोस्ट की प्रामाणिकता और इसके पीछे के लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' नाम के किसी आतंकी संगठन की पहचान नहीं हुई है। आशंका जताई जा रही है कि इस नाम का इस्तेमाल जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए किया गया हो सकता है। फिलहाल इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

गाजियाबाद के पुलिस उपायुक्त रिजुल कुमार के मुताबिक, शुरुआती जांच में घटनास्थल पर बारूद, विस्फोटक या किसी तरह के रासायनिक अवशेष नहीं मिले हैं। डॉग स्क्वॉड ने भी मौके की जांच की है। फॉरेंसिक टीम ने सैंपल जुटाकर जांच के लिए भेजे हैं। उन्होंने बताया कि धमाके की वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

वहीं, घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं होने और पुलिस चौकी के मुख्य गेट पर लगे कैमरों के काम नहीं करने की बात भी सामने आई है। इससे धमाके से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है।

पुलिस चौकी के ऊपर से गुजरने वाले एलिवेटेड रोड के पास एक लावारिस स्कूटी भी मिली है। पुलिस ने स्कूटी जब्त कर उसके मालिक की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस, एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां धमाके की वजह, सोशल मीडिया पर किए गए दावे और घटना से जुड़े दूसरे संभावित पहलुओं की जांच कर रही हैं।