उज्जैन में सीवरेज की समस्या से लोग परेशान, अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे BJP नेता
उज्जैन में सीवरेज समस्या से परेशान भाजपा पार्षद हेमंत गेहलोत गंदे पानी में बैठकर धरने पर उतरे। अधिकारियों पर फोन नहीं उठाने और शिकायतों की अनदेखी का आरोप लगाया।
उज्जैन। महाकाल नगरी उज्जैन के पिपली नाका क्षेत्र में लंबे समय से बनी सीवरेज की समस्या को लेकर भाजपा पार्षद हेमंत गेहलोत ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। वार्ड क्रमांक 2 के पार्षद सड़क पर जमा गंदे पानी के बीच बैठकर धरने पर उतर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब डेढ़ साल से लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। पार्षद ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इस्तीफा देने तक की बात कही है।
पार्षद हेमंत गेहलोत के मुताबिक, पिपली नाका इलाके में सीवरेज का पानी लगातार सड़क पर जमा हो रहा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों के साथ दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में कई लोग मजदूरी करते हैं या सब्जियां बेचकर अपना परिवार चलाते हैं। सड़क पर गंदा पानी भरा रहने से लोगों की आवाजाही और ग्राहकों के पहुंचने पर असर पड़ता है।
गेहलोत ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र के कुछ लोगों ने टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों की शिकायत की है। हालांकि, इन बीमारियों का सीवरेज की समस्या से सीधा संबंध होने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
पार्षद का कहना है कि उन्होंने नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा को भी मौके पर बुलाकर स्थिति से अवगत कराया था। उन्होंने आयुक्त को सड़क पर फैला गंदा पानी दिखाते हुए समस्या के समाधान की मांग की थी। इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
हेमंत गेहलोत ने अधिकारियों पर फोन नहीं उठाने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि जब लगातार शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें विरोध दर्ज कराने के लिए सड़क पर बैठना पड़ा।
पार्षद ने सीवरेज की समस्या को केवल स्थानीय नागरिकों की परेशानी तक सीमित नहीं बताया। उनका कहना है कि उज्जैन में कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल हैं जहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सड़कों पर गंदा पानी जमा रहने से शहर आने वाले लोगों को असुविधा होती है और धार्मिक नगरी की छवि भी प्रभावित होती है।
गेहलोत ने दावा किया कि समस्या का समाधान नहीं होने से वह इस्तीफा देने तक का मन बना चुके थे लेकिन कलेक्टर ने उन्हें ऐसा करने से रोक लिया। मामले में नगर निगम के अपर आयुक्त पवन सिंह ने बताया कि संबंधित नाली पहले से बनी हुई है लेकिन उसके चोक होने की समस्या सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि इसका स्थायी समाधान करने की प्रक्रिया की जा रही है।
निगम की ओर से स्थायी समाधान का आश्वासन दिया गया है। जबकि, पार्षद का आरोप है कि लंबे समय से समस्या बने रहने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल सकी है। अब इस मामले में निगम प्रशासन की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों की नजर रहेगी।
इस मामले में राजनीतिक पहलू भी है क्योंकि विरोध करने वाले हेमंत गेहलोत भाजपा के पार्षद हैं और उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व वाले नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उज्जैन नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मुकेश टटवाल शहर के महापौर और कलावती यादव निगम सभापति हैं।
हेमंत गेहलोत इससे पहले भी वार्ड की समस्याओं को लेकर नगर निगम स्तर पर धरना दे चुके हैं। अक्टूबर 2025 में उनके एक प्रदर्शन के बाद तत्कालीन मामले में निगम आयुक्त ने एक कर्मचारी को निलंबित किया था। पिपली नाका में मौजूदा सीवरेज संकट को लेकर उनका ताजा प्रदर्शन एक बार फिर वार्ड की बुनियादी सुविधाओं और निगम प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।




