MP हाईकोर्ट में ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 के विरुद्ध याचिका दायर, अगले हफ्ते होगी सुनवाई

याचिका में बताया गया यह युवाओं के मौलिक अधिकारों के विरुद्ध है। लोकसभा और राज्यसभा सदनों से पास हुआ और 22 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है।

Publish: Aug 31, 2025, 02:06 PM IST

Photo Courtesy: Malwa Abhi Tak
Photo Courtesy: Malwa Abhi Tak

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में केंद्र के ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 के खिलाफ चुनौती दी गई है। याचिका में बताया गया यह युवाओं के मौलिक अधिकारों के विरुद्ध है और फेंटेसी स्पोर्ट्स जैसे कौशल आधारित खेलों को अवैध बताता है। कोर्ट इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते करेगी। 

चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच इसे देखेगी। याचिका रीवा की क्लबूबम 11 स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ पुष्पेंद्र सिंह ने यमदायर की है। जिसमें तर्क दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट और कई हाई कोर्ट पहले ही फैंटेसी स्पोर्ट्स को कौशल-आधारित खेल बता चुके हैं। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा यह बिल लाया गया और कानून बनाया गया है। 

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बता दें इससे पहले कर्नाटक और कलकत्ता हाई कोर्ट में भी ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के विरुद्ध याचिकाएं लगाई गई है। लोकसभा और राज्यसभा सदनों से पास होने के बाद 22 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद यह बिल कानून बन चुका है। बिल को सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेश किया था।