दूषित पानी पर इंदौर में गरमाई राजनीति, पीड़ितों से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि बीजेपी का असली चेहरा सामने आया है। सरकार हमें पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं दे रही है।
इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त से मौतों का सिलसिला अभी थमा नहीं है। मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 16 हो गया है। जबकि दो सौ से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इस घटना को लेकर इंदौर में सियासत से गर्म है। शनिवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों से मिलने भागीरथपुरा इलाके में पहुंचा। हालांकि, इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
दरअसल, कांग्रेस की पांच सदस्यीय जांच समिति भागीरथपुरा के लोगों से मिलने पहुंची थी। यहां उनका सामना बीजेपी कार्यकर्ताओं से हो गया। दोनों आमने-सामने आ गए। भाजपा कार्यकर्ता उन्हें पीड़ितों के पास जाने नहीं दे रहे थे। इस बीच दोनों ओर से धक्का-मुक्की भी हुई। सूचना पाकर एडिशनल सीपी अमित सिंह और कई सीनियर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
हैरानी की बात ये है कि पुलिस ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को पीड़ितों से मिलने देने की बजाए उन्हें हिरासत में ले लिया। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार, प्रताप गरेवाल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे व अन्य को पुलिस गाड़ियों में भरकर ले गई।
इस दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि यहां लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। पुलिस बीजेपी वालों को सुरक्षा दे रही है। वहीं, विधायक महेश परमार ने कहा कि बीजेपी का असली चेहरा सामने आया है। क्या यहां लोकतंत्र नहीं है। क्या यहां राष्ट्रपति शासन है। उन्होंने सीएम मोहन यादव से पूछा कि हमें पीड़ितों से मिलने से क्यों रोका जा रहा है?
उधर, भोपाल में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बंगले के बाहर प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ताओं ने मंत्री विजयवर्गीय के नेम प्लेट पर कालिख पोती और उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त करने की मांग की।
बता दें कि इंदौर में जहरीला पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें 32 को ICU में रखा गया है। भागीरथपुरा इलाके में अब भी डर का माहौल है, लोग पानी पीने से भी डर रहे हैं। गलियां सुनसान पड़ी हैं क्योंकि ज्यादातर लोग अस्पतालों में हैं।
मामला तूल पकड़ने के बाद मोहन सरकार ने नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव का तबादला कर दिया है। उनके जगह 2014 बैच के आईएएस अधिकारी क्षीतिज सिंघल को इंदौर नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया गया। वहीं, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही इंदौर नगर निगम में तीन नए आईएएस अधिकारी आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक की नियुक्ति की गई। इनमें आकाश सिंह और प्रखर सिंह डायरेक्ट आईएएस हैं, जबकि आशीष पाठक प्रमोटी आईएएस हैं।




