चंदा चोरी के खिलाफ गांव-गांव जनजागरण, घाटाखेड़ी पहुंची दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा

धार्मिक स्थलों में चंदे और चढ़ावे के दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरण का संकल्प, घाटाखेड़ी पहुंची दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा

Updated: Nov 03, 2026, 07:25 PM IST

गुना। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा मंगलवार को अपने 15वें दिन गुना जिले के बीनागंज से आगे बढ़ी। यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में ग्रामीणों ने दिग्विजय सिंह, साधु-संतों और अन्य पदयात्रियों का स्वागत किया। गांव-गांव में लोगों से संवाद करते हुए दिग्विजय सिंह धार्मिक स्थलों में पारदर्शिता, चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दे पर जनजागरण कर रहे हैं।

मंगलवार सुबह बीनागंज के राजीव गांधी चौक से विधिवत पूजा-अर्चना और आरती के बाद पदयात्रा शुरू हुई। धर्मरथ में विराजमान प्रभु श्रीरामलला सरकार, पवित्र तीर्थों के जल से सुशोभित कलशों और पार्थिव शिवलिंग का पूजन किया गया। इसके बाद राष्ट्रध्वज तिरंगे को सलामी देकर पदयात्री आगे बढ़े। यात्रा जयसिंहपुरा और एबी रोड होते हुए पटोंदी पहुंची। दोपहर भोजन और विश्राम के बाद चोपनजोड़, बड़पुरा होते हुए यात्रा घाटाखेड़ी पहुंची, जहां रात्रि विश्राम निर्धारित है।

यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ग्रामीणों, बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं से संवाद कर इसके उद्देश्य बता रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं से जब यात्रा के उद्देश्य के बारे में पूछा जाता है तो कई महिलाएं साफ शब्दों में जवाब देती हैं- 'चंदा चोरी के खिलाफ'। यह संवाद बताता है कि धार्मिक स्थलों में चंदे और चढ़ावे के उपयोग में पारदर्शिता की मांग का संदेश गांवों तक पहुंच रहा है। 

दिग्विजय सिंह का कहना है कि मंदिर और धार्मिक स्थल लोगों की आस्था के केंद्र हैं। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ दान और चढ़ावा अर्पित करते हैं, इसलिए उसका उपयोग भी पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे और सोने-चांदी की ईंटों से जुड़े सवालों का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। इन मामलों की निष्पक्ष जांच हो और यदि कहीं अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। उनका कहना है कि यह यात्रा किसी धर्म या संप्रदाय के विरोध में नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, आस्था के सम्मान और जवाबदेही की मांग को लेकर निकाली जा रही है। चंदा चोरी के साथ वोट चोरी के मुद्दे पर भी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है।

बुधवार को यात्रा घाटाखेड़ी से सुबह 8 बजे शुरू होकर रघुनाथपुरा, किशनगढ़ जोड़ और बरसत होते हुए पीपलखेड़ी चौराहा पहुंचेगी। यहां दिग्विजय सिंह राष्ट्रनायक टांट्या मामा की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन भील-भिलाला आदिवासी समाज, जिला गुना द्वारा किया जा रहा है। इसके बाद पदयात्रा बड़ा आमलिया, परसोलिया, भूकनी, बर्री जोड़ और बरखेड़ा होते हुए फाजलपुर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा।