MP पहली बार करेगा एशियन विमेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, 6 देशों की टीमें लेंगी हिस्सा

भोपाल 19 से 28 नवंबर तक एशियन विमेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी-2026 की मेजबानी करेगा। इसमें भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और थाईलैंड की टीमें टकराएंगी।

Updated: Nov 03, 2026, 05:42 PM IST

भोपाल में 19 से 28 नवंबर तक एशियन विमेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी-2026 का आयोजन किया जाएगा। मध्यप्रदेश पहली बार इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी करने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होने वाली इस प्रतियोगिता में भारत सहित एशिया की छह शीर्ष महिला हॉकी टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी। जापान, चीन, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड की टीमें भी इसमें हिस्सा लेंगी। टूर्नामेंट में करीब 150 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगी। जबकि, मुकाबलों का सीधा प्रसारण दुनिया के 166 देशों में किया जाएगा।

प्रतियोगिता की तैयारियों को लेकर मंत्री विश्वास सारंग की मौजूदगी में एमओयू से संबंधित महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी की गई है। मंत्री सारंग के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन यादव इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का शुभारंभ करेंगे। मैचों के लिए करीब 5 हजार दर्शकों की क्षमता वाला स्टेडियम तैयार किया गया है। यहां फ्लड लाइट की व्यवस्था होगी। जिससे दर्शक दिन के साथ रात में भी मुकाबलों का आनंद ले सकेंगे। 

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टूर्नामेंट के सभी मैच डे नाइट प्रारूप में खेले जाएंगे। टूर्नामेंट को प्रदेशभर में लोकप्रिय बनाने के लिए भोपाल से ट्रॉफी टूर भी निकाला जाएगा। यह यात्रा मध्यप्रदेश के सभी संभागों तक पहुंचेगी। जिससे अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को प्रतियोगिता से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

इस आयोजन को केवल हॉकी प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा जाएगा। विदेशी खिलाड़ियों और दर्शकों को मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में विशेष ट्राइबल फूड और आर्ट स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां जनजातीय समुदायों के पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प और लोककलाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन से भोपाल की पहचान खेलों के साथ-साथ पर्यटन के क्षेत्र में भी मजबूत होगी। इससे प्रदेश में खेल पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिल सकता है।

मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश में हॉकी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए 27 हॉकी फीडर सेंटर और 13 खेलो इंडिया स्मॉल सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश के 22 एस्ट्रोटर्फ मैदानों पर खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर रहे हैं। खेल सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए सात नए एस्ट्रोटर्फ का निर्माण भी जारी है। उन्होंने भोपाल को हॉकी की नर्सरी बताते हुए कहा कि शहर और प्रदेश ने ऐसे कई खिलाड़ी तैयार किए हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर उपलब्धियां हासिल की हैं।

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महिला हॉकी में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश की महिला खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 18 स्वर्ण, 11 रजत और 7 कांस्य पदक सहित कुल 36 पदक अपने नाम किए हैं। वहीं, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने 74 स्वर्ण, 34 रजत और 33 कांस्य समेत 141 पदक जीते हैं। इस तरह अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश की महिला हॉकी खिलाड़ियों के नाम कुल 177 पदक दर्ज हैं। इसके अलावा जापान में आयोजित एशियन गेम्स-2026 में मध्यप्रदेश की तीन महिला हॉकी खिलाड़ियों ने भारतीय टीम का हिस्सा बनकर स्वर्ण पदक जीता था। मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की सात महिला खिलाड़ी ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।