शिवपुरी पुलिस ने निकाली MLA प्रीतम लोधी के बेटे की हेकड़ी, घटनास्थल तक परेड कराया
शिवपुरी में तेज रफ्तार थार से राहगीरों को कुचलने के आरोप में पुलिस ने बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश पर कड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल तक पैदल परेड कराया।
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में राहगीरों को टक्कर मारने के मामले में पुलिस ने भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र दिनेश लोधी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उसकी हेकड़ी निकाल दी। 16 अप्रैल को हुए हादसे के बाद पुलिस ने न केवल आरोपी को थाने बुलाकर पूछताछ की बल्कि पैदल घटनास्थल तक ले जाकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कराई थी। इस दौरान उसकी थार गाड़ी पर लगे हूटर, काली फिल्म और बिना रजिस्ट्रेशन नंबर जैसे नियम उल्लंघनों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए चालान भी किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के चलते मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव में बदलता दिख रहा है।
घटना करैरा थाना क्षेत्र में 16 अप्रैल की सुबह करीब 7:30 बजे हुई थी। जब दिनेश लोधी तेज और लापरवाही से थार वाहन चलाते हुए राहगीरों को टक्कर मार बैठा था। हादसे में संजय परिहार, आशीष परिहार, अंशुल परिहार, सीता वर्मा और पूजा सोनी घायल हो गए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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मामले में रविवार को पुलिस ने दिनेश लोधी को थाने बुलाया था। वहां उससे पूछताछ की गई और फिर एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ तथा टीआई विनोद छावई पुलिस बल के साथ उसे पैदल घटनास्थल तक लेकर पहुंचे। मौके पर घटना का मुआयना कराया गया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली गई। पुलिस की यह कार्रवाई इसलिए भी चर्चा में रही थी। ऐसा इसलिए क्योंकि आमतौर पर प्रभावशाली परिवारों से जुड़े मामलों में इस तरह की सख्ती पहली बाद देखने को मिली है।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने दिनेश लोधी की थार में कई अनियमितताएं भी पाई गई। वाहन पर काली फिल्म लगी थी, हूटर का इस्तेमाल हो रहा था और रजिस्ट्रेशन नंबर तक गाड़ी पर नहीं था। पुलिस ने मौके पर ही काली फिल्म और हूटर हटवाए तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185(4) और 100/177 के तहत चालानी कार्रवाई की।
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई है। एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ ने स्पष्ट किया कि दिनेश लोधी को केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत थाने बुलाया गया था और उन्हें करैरा में दोबारा न दिखने जैसी कोई बात नहीं कही गई है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर होगी।
हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विवाद और बढ़ गया। विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह एसडीओपी पर तीखी टिप्पणी करते और चुनौती भरे अंदाज में बयान देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका बेटा करैरा आएगा और चुनाव भी लड़ेगा। साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारी पर पक्षपात के आरोप भी लगाए हैं। इस बयान के बाद मामला केवल सड़क हादसे तक सीमित न रहकर सत्ता बनाम प्रशासन की बहस में बदल गया है।
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दिलचस्प बात यह भी है कि हादसे के तुरंत बाद विधायक ने सार्वजनिक रूप से निष्पक्ष जांच और पीड़ितों को न्याय की बात कही थी लेकिन बाद में उनके तेवर बदल गए थे। दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि प्रभावशाली परिवारों से जुड़े मामलों में भी कानून की प्रक्रिया लागू होगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।




