Guna Case : गब्बू पारदी पर रासुका को मजबूर हुई सरकार

जिला दंडाधिकारी ने पारदी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।जिला दंडाधिकारी ने पारदी को जारी नोटिस में 20 जुलाई तक अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।

Publish: Jul-19, 2020, 02:26 AM IST

Guna Case : गब्बू पारदी पर रासुका को मजबूर हुई सरकार

 गुना। गुना मामले में ज़मीन को हथियाने वाले गब्बू पारदी के खिलाफ जिला दंडाधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। गुना पुलिस अधीक्षक के आवेदन पर पारदी के खिलाफ रासुका के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला दंडाधिकारी ने पारदी को जारी नोटिस में 20 जुलाई तक अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। अन्यथा पारदी पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

गुना जिला दंडाधिकारी कुमार पुरषोत्तम ने गब्बू पारदी को कारण बताओ नोटिस में कहा है कि पारदी के खिलाफ मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 8(1) के तहत नोटिस जारी किया गया है। बता दें कि पारदी का आपराधिक रिकॉर्ड काफी पुराना है। क्षेत्र में गब्बू पारदी का शुरू से ही काफी दबदबा रहा है। पारदी को जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि 1993 से ही उसके द्वारा की गई आपराधिक गतिविधियां रिकॉर्ड में दर्ज है। पुरषोत्तम कुमार ने नोटिस में पारदी को उसके अतीत की जानकारी देते हुए बताया है कि पारदी काफी लम्बे समय से अपराध की दुनिया में मौजूद रहा है। बता दें कि पारदी के खिलाफ पूर्व में दर्जनों अपराध के मयक़दमें दर्ज हुए हैं। लेकिन स्थानीय लोगों में पारदी का भय होने के कारण कोई भी उसके खिलाफ अपना मुंह खोलने से बचता रहा है।

कौन है पारदी ?
गब्बू पारदी गुना काण्ड में सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा जमाने का मुख्य आरोपी है। गुना में जिस ज़मीन के विवाद के कारण दलित किसान दम्पत्ति ने कीटनाशक पी लिया था और पुलिस की मार का शिकार हुए थे, वह जमीन असल में गब्बू पारदी के कब्ज़े की थी। बताया जाता है कि पारदी तकरीबन तीस सालों से उस ज़मीन पर खेती कर रहा था। पिछले दो वर्षों से उसने अपना खेत किसान दम्पति को बंटाई पर दी हुई थी। पूरे प्रकरण में गब्बू पारदी का नाम आने के बाद अब प्रशासन ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। उसके खिलाफ रासुका के तहत नोटिस  जारी कर दिया गया है।

इससे पहले बीजेपी के प्रदेस अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने गब्बू पारदी के राजनीतिक संबंधों पर सवाल उठाए थे। तब दिग्विजय सिंह ने उसके काले कारनामों की पूरी लिस्ट सौंप दी थी। सूत्रों के मुताबिक सिर्फ गब्बू पारदी ही नहीं, उसका भाई और भाभी भी गुनाहों के अनेक काले कारनामों में लिप्त रहे हैं। उनके खिलाफ भी अनेकों आपराधिक रिकार्ड हैं। गब्बू की भाभी को स्थानीय बीजेपी नेता का भी संरक्षण प्राप्त है। इसीलिए लोग उनके बारे में मुंह खोलने से डरते रहे हैं।