इंदौर के MY हॉस्पिटल के 3 मुख्य गेट बंद होने से मरीज परेशान, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
इंदौर के MY हॉस्पिटल के 3 गेट बंद होने पर हाईकोर्ट सख्त हो गया है। मरीजों की परेशानी देख कोर्ट ने नगर निगम और सरकार से जवाब तलब किया है। 23 फरवरी को अगली सुनवाई होगी।
इंदौर। इंदौर शहर के सबसे व्यस्त सड़क पर स्थित एमवाय अस्पताल के चार में से तीन मुख्य प्रवेश द्वार लंबे समय से बंद होने का मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया है। मरीजों, बुजुर्गों और उनके परिजनों को हो रही भारी असुविधा पर संज्ञान लेते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इंदौर नगर निगम और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मामले पर अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।
जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता महेश गर्ग की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रतीक महेश्वरी ने अदालत को बताया कि अस्पताल के तीन गेट बंद होने से आम नागरिकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर अवस्था में लाए जा रहे मरीजों को लंबा चक्कर लगाकर अस्पताल परिसर में प्रवेश करना पड़ता है। जिसकी वजह से उनकी हालत और बिगड़ने का खतरा बना रहता है।
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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट सवाल किया कि जब यह अस्पताल सार्वजनिक उपयोग का प्रमुख और सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है तो उसके अधिकांश प्रवेश द्वार बंद रखने का कारण क्या है। न्यायालय ने राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि गेट बंद होने के कारण ऑटो और एम्बुलेंस चालकों द्वारा अंदर तक जाने में आनाकानी की जाती है। कई मामलों में सवारी से अतिरिक्त किराया तक मांगा जाता है। पैदल आने वाले गरीब मरीजों और उनके परिजनों के लिए अतिरिक्त दूरी तय करना किसी दंड से कम नहीं है। आपातकालीन परिस्थितियों में एम्बुलेंस को ट्रैफिक जाम और बंद गेटों की वजह से कीमती समय गंवाना पड़ रहा है जो मरीजों की जान के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है।
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एमवाय अस्पताल इंदौर ही नहीं बल्कि आसपास के कई जिलों के लाखों लोगों के उपचार का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मुख्य द्वारों का बंद रहना न केवल प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े करता है बल्कि शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनशीलता पर भी चिंता पैदा करता है। अब निगाहें 23 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं जहां से मरीजों और नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




