छिंदवाड़ा में खेत में मिला बाघ का शव, बैल के शिकार से नाराज होकर किसान ने दिया था जहर
छिंदवाड़ा में किसान ने अपने बैल के शिकार का बदला लेने के लिए खौफनाक कदम उठाया। उसने बचे हुए मांस में यूरिया मिला दिया। जिसे खाकर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के एक बाघ की दर्दनाक मौत हो गई।
छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। वहां सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के एक बाघ को जहरीला चारा खिलाकर मार दिया गया। बाघ का शव खेत में बने गड्ढे में मिला। इसकी लोकेशन कॉलर आईडी के जरिए वन विभाग ने ट्रेस की। मौके पर एक मृत बैल भी मिला है।
जांच में सामने आया कि बाघ ने किसान उदय सिंह के बैल का शिकार किया था और बार-बार उसी खेत में लौट रहा था। इससे नाराज होकर किसान ने बैल के बचे हुए हिस्सों पर यूरिया डाल दिया था। बाघ ने जब उस जहरीले मांस को खाया तो उसकी मौत हो गई।
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छिंदवाड़ा के डीएफओ साहिल गर्ग ने बताया कि गांव छाती आम के खेत में पहले बैल का शव मिला और थोड़ी दूरी पर गड्ढे में बाघ मृत अवस्था में पाया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी किसान ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी घटना की जानकारी दी। वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बाघ की मौत जहर से होने की पुष्टि हुई है।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक राखी नंदा के मुताबिक, यह बाघ करीब चार साल का था। इसे लगभग डेढ़ साल पहले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाकर सतपुड़ा के जंगल में छोड़ा गया था। पिछले कुछ दिनों से उसकी लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम पर नहीं मिल रही थी। जिसके बाद वन विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया था।
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शुक्रवार को सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और खेत के गड्ढे से बाघ का शव बरामद किया गया। जांच में साफ हुआ कि यह शिकार का मामला है। गौरतलब है कि साल 2026 में अब तक प्रदेश में 10 बाघों की मौत दर्ज की जा चुकी है। इन मौतों की वजह से वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता और बढ़ गई है।




