इंदौर से पैदल भोपाल पहुंचा युवाओं का हुजूम, सैंकड़ों छात्रों को उठा ले गई पुलिस

हजारों की संख्या में बेरोजगार युवा इंदौर में कर रहे थे भर्ती सत्याग्रह, सरकार ने मांगें नहीं मानी तो भोपाल कूच किया, 7 दिन तक पैदल चलकर रविवार को भोपाल पहुंचे, यहां उन्हें पुलिस उठा ले गई

Updated: Oct 09, 2022, 02:40 PM IST

इंदौर से पैदल भोपाल पहुंचा युवाओं का हुजूम, सैंकड़ों छात्रों को उठा ले गई पुलिस

भोपाल। मध्य प्रदेश के इंदौर से पैदल निकले बेरोजगार युवाओं का हुजूम रविवार को भोपाल पहुंचा। सैंकड़ों की संख्या में पैदल चलकर भोपाल पहुंचे इन युवाओं को शहर में एंट्री से पहले ही रोक दिया गया। बाद में वे किसी तरह जब भोपाल सीमा में पहुंचे तो डराने के लिए उनमें से कई युवाओं को पुलिस वैन में डालकर ले गई।

भर्ती पदयात्रा कर रहे छात्रों की गिरफ्तारी से राजधानी के युवा भड़क गए। उधर पुलिस ने उन्हें अरेस्ट किया इधर शहर के एमपी नगर में सैंकड़ों छात्र सड़कों पर आ गए। कुछ देर बाद पुलिस ने युवाओं को अलग अलग जगहों पर ले जाकर छोड़ा ताकि वे एकजुट नहीं हो सके। हालांकि, सैंकड़ों छात्र-छात्राएं भदभदा चौराहे पर जमा हो चुके हैं।

ये छात्र भर्तियां शुरू करने की मांग को लेकर सीएम हाउस की ओर बढ़ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि छात्र आगे नहीं बढ़ सकें। उन्हें हर हाल में मुख्य शहर के बाहर ही रोकने को कहा गया है। वहीं, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई भी छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतर आई है।

NEYU से जुड़े युवा रंजीत रघुवंशी ने पुलिस और सरकार के रुख पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं से ज्यादती उन्हें भारी पड़ने वाली है। रंजीत ने कहा कि, 'हम इंदौर से पैदल भूखे प्यासे भोपाल आए हैं। ताकि मामा जी को अपनी व्यथा सुना सकें। वहां भी 11 दिन तक सत्याग्रह पर बैठे थे। लेकिन अब पुलिस लगाया जा रहा है। हमें गिरफ्तार किया जा रहा है। हम कोई अपराधी नहीं हैं। हम पढ़े लिखे बेरोजगार युवा हैं जो रोजगार की मांग कर रहे हैं।'

प्रदर्शनकारी छात्र बेरोजगारी की समस्या का समग्र समाधान निकालने के लिए मध्य प्रदेश रोजगार कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांग ये है कि पिछले कई सालों से रुकी हुई सभी भर्ती प्रक्रियाओं को तत्काल पूरा किया जाए। साथ ही MPPSC की 2019, 2020 और 2021 की भर्तियां जल्द से जल्द पूरी की जाएं। इसके अलावा उन्होंने व्यापम के एक लाख पदों (जिसमें एसआई, पटवारी, कॉन्स्टेबल, एग्रीकल्चर इत्यादि शामिल हैं) को तत्काल भरने की मांग की है।