लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन बिल, पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े
हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ तौर पर कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है: राहुल गांधी
नई दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल पर चर्चा पूरी होने के बाद वोटिंग प्रक्रिया हुई। इलेक्ट्रॉनिक डेटा के अनुसार, इस दौरान कुल 489 वोटों में से पक्ष में 278 वोट और खिलाफ में 211 वोट पड़े। इसके साथ ही ये बिल लोकसभा में पारित नहीं हो पाया। हालांकि, फाइनल डेटा का अंतर कुछ और रहा।
बाद में जारी किए गए डाटा के अनुसार, इस बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। यानी लोकसभा में 528 सांसदों ने वोट डाले। दो तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण बिल पारित नहीं हुई। इसके साथ ही इस बिल के साथ सरकार जो दो अन्य बिल लोकसभा में लेकर आई थी उसे वापस ले लिया।
यानी सरकार ने बाकी 2 बिल- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 पर सरकार ने वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद लोकसभा शनिवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। पिछले 11 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई।
वोटिंग के नतीजों पर नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ तौर पर कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है। वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने कहा कि यह हमारे लोकतंत्र और हमारे देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।




