अधिकांश नेता बिना किसी निष्ठा के पाला बदलते हैं, दलबदलुओं पर बरसे नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि 90 फीसदी नेताओं को यह पता ही नहीं होता है कि वो अपना दल क्यों छोड़ रहे हैं और किसी दल में क्यों जा रहे हैं।

Updated: Jun 01, 2026, 04:12 PM IST

अमरावती। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दल-बदल करने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज दल-बदल करने वाले 90 फीसदी नेताओं को यह पता ही नहीं होता है कि वो अपनी पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं और जिस पार्टी में जा रहे हैं, वहां क्यों जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के नेताओं का झंडा-डंडा हमेशा तैयार रहता है, उन्हें केवल किसी पार्टी की सरकार आने का इंतजार रहता है।

नितिन गडकरी ने कहा कि आज भारत में विचारों की भिन्नता बड़ी समस्या नहीं है, बल्कि राजनीति में विचारधारा की शून्यता सबसे बड़ी समस्या है। केंद्रीय मंत्री रविवार को महाराष्ट्र के अमरावती में शिवाजी शिक्षण संस्था के अमृत महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि क्योंकि राजनीति के 90 फीसदी खिलाड़ी बस यही राह देखते हैं कि किस पार्टी की सरकार आती है और कौन मंत्री बनता है। उनके झंडे, डंडे और हार हमेशा तैयार ही रहते हैं। इस दौरान उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा, 'उन्होंने पुरानी पार्टी क्यों छोड़ी, यह उन्हें भी समझ नहीं आता और जिस पार्टी में वे गए, उन्हें भी समझ में नहीं आता।'

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसका कारण यह है कि राजनीति में अब तत्व-निष्ठा सिद्धांत, लक्ष्य और विचार-निष्ठा कम हो गई है, हमारे देश में विचारों की भिन्नता कोई समस्या नहीं है, विचारों की शून्यता सबसे बड़ी समस्या है और इसीलिए कभी अच्छे दिन होते हैं, तो कभी बुरे दिन होते हैं। कभी जनता चुनकर देती है, तो कभी चुनकर नहीं देती है।

उन्होंने कहा कि लेकिन एक जीवंत व्यक्ति का व्यक्तित्व ऐसा होता है कि वह प्रवाह के साथ कभी बहता नहीं चला जाता। उन्होंने कहा कि जो जिंदा मछली होती है, वह हमेशा प्रवाह की विपरीत दिशा में तैरती है और जो कूड़ा-कचरा या मरी हुई मछली होती है, वह हमेशा प्रवाह की दिशा में बहती चली जाती है। मेरे और आपके विचार, शायद राजनीतिक विचार, आपस में मेल न खाते हों।