कर्नाटक विधान परिषद में हंगामा, कांग्रेस के MLC ने विधान परिषद उपाध्यक्ष को कुर्सी से उतारा

कांग्रेस का आरोप बीजेपी ने जेडीएस नेता को नियम विरुद्ध अध्यक्ष के आसन पर बैठा दिया था, बीजेपी, जेडीएस की मदद से मनमाना प्रस्ताव पारित कराने की कर रही थी कोशिश

Updated: Dec 15, 2020, 11:06 PM IST

कर्नाटक विधान परिषद में हंगामा, कांग्रेस के MLC ने विधान परिषद उपाध्यक्ष को कुर्सी से उतारा
Photo Courtesy: ANI

बेंगलुरू। कर्नाटक विधान परिषद में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ है। विधान परिषद में कांग्रेस सदस्यों ने डिप्टी चेयरमैन भोजेगौड़ा को आसन से नीचे उतार दिया। कांग्रेस के विधान परिषद सदस्यों ने आरोप लगाया है कि बीजेपी और जेडीएस के सदस्यों ने भोजेगौड़ा को गलत ढंग से अध्यक्षीय आसन पर बैठा दिया था और उनके सहयोग से मनमाना प्रस्ताव पारित कराने की फिराक में थे। 

दरअसल कर्नाटक विधान परिषद के मौजूदा अध्यक्ष कांग्रेस के प्रतापचंद्र शेट्टी हैं। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक बीजेपी उन्हें अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाना चाहती है। कांग्रेस का आरोप है कि जिस समय विधान परिषद में हंगामा चल रहा था, उसी दौरान बीजेपी ने डिप्टी चेयरमैन भोजेगौड़ा को गलत ढंग से आसंदी पर बैठाकर  मनमाना प्रस्ताव पारित कराने की कोशिश की। इसीलिए कांग्रेस सदस्यों ने डिप्टी चेयरमेन भोजेगौड़ा को आसंदी से हटाया है। गौरतलब है कि भोजेगौड़ा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और उनके बेटे एच डी कुमारस्वामी की पार्टी जेडीएस के नेता हैं, जो पहले कांग्रेस के साथ थी, लेकिन पिछले कुछ समय से उनका झुकाव बीजेपी की ओर दिखाई दे रहा है।

बताया जा रहा है कि विधान परिषद के अध्यक्ष प्रतापचंद्र शेट्टी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाना था। कर्नाटक विधान परिषद में कांग्रेस और जेडीएस सदस्यों का संख्याबल बीजेपी से अधिक है। इसलिए सदन में बीजेपी सरकार अब तक अपना नया गोरक्षा बिल पास नहीं करा सकी है। विपक्षी दलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे पुराने गोरक्षा कानून को बदलकर लाए जा रहे नए कानून का समर्थन नहीं करेंगे। 

बीजेपी का कहना है कि चेयरमैन के खिलाफ प्रस्ताव लाया जा रहा है, ऐसे में वे आसंदी पर नहीं बैठ सकते। इसलिए उनकी जगह डिप्टी चेयरमैन को बैठाया गया था। जिससे कांग्रेसी नाराज हो गए और डिप्टी चेयरमैन को खींचकर वहां से बाहर कर दिया। जिसके बाद बीजेपी ने विधान परिषद के चेयरमैन प्रतापचंद्र शेट्टी का रास्ता रोकने की कोशिश की। लेकिन चेयरमैन ने आसंदी पर पहुंचने बाद विधान परिषद की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।