EVM लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती, 11 विपक्षी दलों ने तीन मुद्दों पर साथ मिलकर लड़ने का लिया संकल्प

मशीन (ईवीएम), मनी (धनबल) और मीडिया के दुरुपयोग के खिलाफ विपक्ष ने खोला मोर्चा, साथ मिलकर लड़ने का लिया संकल्प, दिग्विजय सिंह बोले- मीडिया को कंट्रोल कर रही बीजेपी

Updated: Aug 14, 2022, 11:27 AM IST

EVM लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती, 11 विपक्षी दलों ने तीन मुद्दों पर साथ मिलकर लड़ने का लिया संकल्प

नई दिल्ली। कांग्रेस सहित 11 विपक्षी दलों ने शनिवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, धन बल और मीडिया के 'दुरुपयोग' का आरोप लगाया। विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि ईवीएम का दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती है। विपक्ष ने कहा कि मशीन (ईवीएम), मनी (धनबल) और मीडिया के दुरुपयोग के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया।

कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तेलंगाना राष्ट्र समिति, राष्ट्रीय लोक दल, वेलफेयर पार्टी और स्वराज इंडिया के प्रतिनिधि राजधानी दिल्ली में गैर सरकारी संगठन कॉन्स्टिट्यूशनल कंडक्ट ग्रुप और पीपल्स फर्स्ट द्वारा आयोजित "Machine, Money, Media" विषय पर आयोजित चर्चा में शामिल हुए। 

इस सम्मेलन में तीन प्रस्ताव पारित किए गए। पहला प्रस्ताव, ईवीएम और ‘वीवीपैट’ को लेकर था। सभी दलों ने ईवीएम के दुरुपयोग के विरुद्ध साथ लड़ने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि ईवीएम हैक हो सकती है, कंप्यूटर साइंस में यह साबित हो चुका है। दूसरे प्रस्ताव में कहा गया है कि चुनावों में बड़े पैमाने पर धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल किया जाता है जिससे चुनाव की शुचिता नष्ट हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक चंदे के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड की व्यवस्था खत्म की जानी चाहिए।

विपक्षी दलों ने तीसरे प्रस्ताव में कहा कि मीडिया और संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से सांप्रदायिक ध्रुवीकरण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ऑनलाइन फर्जी खबरों पर अंकुश लगाने में विफल रहा है। इन दलों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और मीडिया को कंट्रोल कर रही है। कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के कलाकारों ने कठपुतली के जरिए मौजूदा ईवीएम और वीवीपैट की चुनाव प्रक्रिया में प्रशासन द्वारा इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते हुए कटाश किया।

इस दौरान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्हें ईवीएम पर भरोसा नहीं है क्योंकि लोग यह सुनिश्चित नहीं कर सकते कि उनका वोट कहां गया। उन्होंने चुनावी बांड को लेकर कहा कि लोगों को पता ही नहीं कि पैसा कहां जा रहा है। पैसे के अनियंत्रित उपयोग से भाजपा मीडिया को नियंत्रित कर रही है। यहां तक ​​कि फेक न्यूज के प्रसार के लिए भी भाजपा फंडिंग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राज्यों में भाजपा विधायकों को लुभाने और अपनी सरकार बनाने के लिए धनबल और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। 

EVM को हैक किया जा सकत है: प्रो बनर्जी, IIT दिल्ली 

आईआईटी दिल्ली के कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर सुभाषिस बनर्जी ने ईवीएम मतदान और लोकतंत्र के सिद्धांत पर अपना वक्तव्य रखा। उन्होंने ईवीएम की विभिन्न टेक्नीकल मुद्दों पर बात करते हुए कहा कि ईवीएम हैक नहीं हो सकता है, यह प्रमाणित करना निर्वाचन का काम है। हम यह धारणा बना सकते हैं कि ईवीएम हैक हो सकती है, कंप्यूटर साइंस में यह साबित हो चुका है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि 1992 की एक थियोरम में स्पष्ट तौर पर बताया गया है कि ईवीएम को नॉन हैकेबल प्रमाण करना असंभव है। उन्होंने कहा कि अगर इलेक्शन को डिजाइन करना है तो आपको यह मानकर डिजाइन करना पड़ेगा कि ईवीएम हैक हो सकता है। अगर यह मान रहे हो कि ईवीएम हैक नहीं हो सकती है तो आप गलत सोच रहे हो।

कार्यक्रम के दौरान एनसीपीआरआई की सह-संयोजक अंजलि भारद्वाज ने बताया कि इन प्रस्तावों को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) के समक्ष अगले एक से दो हफ्ते में पेश किया जाएगा। सम्मेलन में कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह के अलावा सीपीआईएम के नेता सीताराम येचुरी, सीपीआई के महासचिव डी राजा, एनसीपी के नेता जितेंद्र आव्हाड, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता घनश्याम तिवारी, स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव, वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के नेता एस.क्यू.आर. इलियास समेत सिविल सोसाइटी के लोग मौजूद रहे।