पढ़ाई, दवाई और खाद्य पदार्थ सब होंगे महंगे, जनता की जेब पर GST काउंसिल का वार

आटा, चावल, दही, पनीर के बढ़ेंगे दाम, होटल और हॉस्पिटल में रुकने का चार्ज भी बढ़ेगा, एलईडी लैंप और चमड़े के सामान पर भी बढ़ेंगे जीएसटी, छात्रों को चार्ट पेपर और एटलस नक्शे के लिए भी चुकाने होंगे ज्यादा रकम

Updated: Jun 29, 2022, 02:50 PM IST

पढ़ाई, दवाई और खाद्य पदार्थ सब होंगे महंगे, जनता की जेब पर GST काउंसिल का वार

नई दिल्ली। महंगाई की मार झेल रहे देशवासियों की मुश्किलें कम होने की बजाए बढ़ती ही नजर आ रही हैं। जीएसटी काउंसिल की चंडीगढ़ में चल रही 47वीं बैठक में कई ऐसे फैसले लिए गए हैं जिससे आर्थिक मोर्चे पर आम जनता की जेब और ढ़ीली करने की योजना है। जीएसटी काउंसिल ने भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी अतिआवश्यक सुविधाएं महंगी करने का निर्णय लिया है।

मंगलवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई वस्तुओं पर जीएसटी दरों में बदलाव की घोषणा हुई है। बुधवार को बैठक के दूसरे दिन कुछ अन्य वस्तुओं पर चर्चा चल रही है। बैठक के पहले दिन दही, पनीर, शहद, मांस और मछली जैसे डिब्बा बंद और लेबल-युक्त या ब्रांडेड चीजों पर जीएसटी लगाने का फैसला हुआ है। इससे अब इन वस्तुओं के लिए ग्राहकों को अधिक रकम चुकानी होगी। इसके अलावा अब होटल में रुकना, बैकिंग और एजुकेशन में भी जीएसटी की महंगाई देखने को मिलेगी। 

अब एक हजार रुपये रोजाना से कम किराए वाले होटल रूम पर 12 फीसद की दर से जीएसटी लगेगा। अभी तक इस पर कोई जीएसटी नहीं लगता था। इस तरह अब आपका होटल में रुकना महंगा होने वाला है। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए 5,000 रुपये से अधिक किराये वाले कमरों (आईसीयू को छोड़कर) पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने की भी घोषणा की गई है। यानी इलाज भी महंगा हो जाएगा।

दही, पनीर, शहद और मांस-मछली जैसे उत्पाद अगर ब्रैंडेड या डिब्बा बंद हैं, तो उन पर अब जीएसटी लगेगा। जीएसटी काउंसिल ने इन ब्रैंडेड या लेबल युक्त वस्तुओं को जीएसटी के दायरे में लाने का फैसला लिया है। अब इन वस्तुओं पर पांच फीसद जीएसटी लगेगा। इसके अलावा बिना ब्रांड वाले आटा और चावल पर पहले से पैकेजिंग और लेबल होने की स्थिति में 5 प्रतिशत जीएसटी लिया जाएगा। अभी तक इन सामानों में ब्रांडेड आइटम पर ही 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है। 

जीएसटी काउंसिल ने स्याही, कुछ विशेष प्रकार के चाकू, चम्मच, टेबलवेयर, डेयरी मशीनरी, एलईडी लैंप और ड्राइंग उपकरणों में कर दरों को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला लिया है। चेक जारी करने पर बैंकों द्वारा लिये जाने वाले शुल्क पर 18 फीसद जीएसटी लगेगा। अगर आप स्टूडेंट हैं, तो अब आपको कुछ सामानों के लिए अधिक कीमत चुकानी होगी। जीएसटी काउंसिल ने चार्ट पेपर और एटलस नक्शे पर भी 12 फीसद जीएसटी लगाने का फैसला लिया है।