प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद सबसे आगे, PCB दोषियों पर 10 लाख से 25 लाख तक जुर्माना लगाने की तैयारी में

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लोगों का सांस लेना हुआ दुश्वार, भारत के 138 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में लिस्ट में गाजियाबाद टॉप पर, पराली और गाड़ियों का प्रदूषण है मुख्य वजह, दोषियों पर भारी जुर्माना लगाएगा केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड

Updated: Nov 11, 2021, 12:12 PM IST

प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद सबसे आगे, PCB दोषियों पर 10 लाख से 25 लाख तक जुर्माना लगाने की तैयारी में
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दिल्ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण ने देश में प्रदूषण को लेकर एक सर्वे किया है। जिसमें कहा गया है कि भारत के शहरों में  सबसे ज्यादा प्रदूषण गाजियाबाद में हैं। यह सर्वे देश भर के 138 शहरों में किया गया है। इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद शहर सबसे प्रदूषित पाया गया है। यहां के प्रदूषण के स्तर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां लोगों का सांस लेना मुहाल हो गया है।

इनदिनों NCR का अहम भाग कहे जाने वाला गाजियाबाद गंभीर वायु प्रदूषण से जूझ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हालिया रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को शहर में सबसे ज्यादा 428 AQI  था। इसी के साथ गाजियाबाद भारत का सबसे प्रदूषित शहरों में पहले नंबर पर दर्ज किया गया।

गाजियाबाद में 428  के बाद दूसरा नंबर दिल्ली का है यहां बुधवार को 372 दर्ज किया गया। तीसरे नंबर पर फरीदाबाद चौथे नंबर पर ग्रेटर नोएडा, पांचवे नंबर पर गुरुग्राम था, जबकि 6वें स्थान पर नोएडा में प्रदूषण का स्तर था। दिवाली के मौके पर इन शहरों में औऱ ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया था।

गाजियाबाद में PM 10 मानक से 5 गुना अधिक रिकॉर्ड किया गया। यह आकंडा सांस लेने के लिए हवा की बहुत ज्यादा खराब स्थिति को दिखाता है। गाजियाबाद में लोगों को सांस से संबंधित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर में प्रदूषण का मुख्य कारण दिल्ली, हरियाणा, पंजाव समेत उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में पराली जलाना है। जिसकी वजह से वायु प्रदूषण के आंकड़े में लगातार इजाफा हो रहा है। अब यह बढ़ते-बढ़ते जानलेवा हो  गया है। पराली के अलावा गाड़ियों का धुआं, सड़कों की धूल, अद्योगों और फैक्ट्रियों से होने वाला उत्सर्जन और निर्माण कार्यों से निकलने वाले पीएम कण भी प्रदूषण की मुख्य वजह हैं।