बरवी चक्रवात का खतरा बरकरार, 35 घंटे से मन्नार की घाटी में रुका है तूफान

Cyclone Burevi: तटीय इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी, मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह

Updated: Dec 06, 2020, 12:18 AM IST

बरवी चक्रवात का खतरा बरकरार, 35 घंटे से मन्नार की घाटी में रुका है तूफान
Photo Courtesy: Dainik Bharkar

केरल। बरवी चक्रवात का खतरा देश पर अभी भी मंडरा रहा है। यह तूफान पिछले 35 घंटे से मन्नार की घाटी के उपर ही रुका हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि बरवी तूफान इलाके में फिलहाल इसी स्थिति में रहेगा। इस दौरान दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कमोरिन, लक्षद्वीप-मालदीव और दक्षिण केरल तट पर 55 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में फिलहाल 35 से 45 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।

अगले 12 घंटे में बरवी तूफान के कमजोर पड़ने की उम्मीद है। केरल स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, केरल तट पर पोझियोर से कोझीकोड तक शनिवार को रात 11.30 बजे तक 1.5 से 3.2 मीटर तक की लहरें उठने की आशंका है। इतना ही नहीं कई इलाकों में 7 दिसंबर तक तेज़ बारिश होने के भी आसार हैं।

 

जानकारी के मुताबिक, पिछले काफी समय से कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। जिस वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चिदंबरम के नटराज मंदिर में भी पानी भर गया। भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। वहीं बरवी तूफान की वजह से कई इलाकों में लोगों को बिजली की समस्या से भी दो चार होना पड़ रहा है।

केरल के इन जिलों में येलो अलर्ट

बरवी चक्रवात को देखते हुए मौसम विभाग ने केरल के 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तिरुवनंतपुरम, पलक्कड़, पठानमथिट्टा, मलप्पुरम, अलप्पुझा, कोट्टयम, कोल्लम, इडुक्की और त्रिशूर शामिल हैं। इतना ही नहीं मौसम विभाग ने मछुआरों को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, दक्षिण-पूर्व अरब सागर, मन्नार की खाड़ी, दक्षिणी तमिलनाडु तट, लक्षद्वीप-मालदीप इलाके, उत्तरी श्रीलंका और दक्षिणी केरल तट की ओर न जाने से मना किया है।