मेरे शब्दों को लिख लीजिए, कांग्रेस ही बीजेपी को हराएगी: भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरे होने पर राहुल

जिस दिन कांग्रेस को यह समझ आ गया कि वह क्या है, उस दिन कांग्रेस हर चुनाव जीतेगी। क्षेत्रीय पार्टी के पास देश का विजन नहीं है। क्षेत्रीय पार्टियां जाति, वर्ग, राज्य का प्रतिनिधित्व करती हैं: राहुल गांधी

Updated: Dec 17, 2022, 09:23 AM IST

मेरे शब्दों को लिख लीजिए, कांग्रेस ही बीजेपी को हराएगी: भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरे होने पर राहुल

जयपुर। भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरे होने पर राहुल गांधी ने जयपुर में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान राहुल गांधी ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि कांग्रेस की बीजेपी को हराएगी, मेरे शब्दों को आप लिख लीजिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक विचारधारा है।

मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि, 'ये कहना कि कांग्रेस पार्टी बिखर गई, खत्म हो गई, ये बिलकुल गलत है। कांग्रेस पार्टी एक विचारधारा है। देश में जीवित है। कांग्रेस सड़कों पर है, लाखों-करोड़ों लोगों के दिल में है। कन्याकुमारी से लेकर राजस्थान तक जमीन से एक बात समझ आई कि हमारे कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है। लोग कांग्रेस पार्टी से प्यार करते हैं। एमपी और महाराष्ट्र में भी जो रिस्पोंस मिला, वह शानदार था।' 

राहुल गांधी ने आगे कहा कि, 'कांग्रेस ही BJP के खिलाफ लड़ती है और पीछे नहीं हटती। कांग्रेस ही आने वाले समय में BJP को हराएगी। क्षेत्रीय पार्टी के पास देश का विजन नहीं है। क्षेत्रीय पार्टियां जाति, वर्ग, राज्य का प्रतिनिधित्व करती हैं। जिस दिन कांग्रेस को यह समझ आ गया कि वह क्या है, उस दिन कांग्रेस हर चुनाव जीतेगी।'

राहुल गांधी ने बीजेपी के पक्ष में चुनाव नतीजों को लेकर कहा कि, 'बीजेपी के चुनाव जीतने के कई कारण हैं। उनके पास भारी पैसा है, वे लोगों को धमकाते हैं। हम ऐसा नहीं करते और ये संसाधन हमारे पास नहीं हैं। हमारे पास उतना पैसा नहीं है। बीजेपी के सत्ता में आने का दूसरा कारण है कि वह नफरत फैलाते हैं, वे देश को बांटते हैं। बीजेपी का फंडा क्लीयर है इस पर।'

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भारत जोड़ो यात्रा के अनुभवों को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि, 'यात्रा से मुझे पर्सनली बहुत फायदा हुआ है। बहुत सीखने को मिला है। मेरी भी जनता से थाेड़ी दूरी थी, वह खत्म हो गई। जो सड़क पर दिखता है, वह बिल्कुल अलग होता है। जब सड़कों पर चलते हैं तो थोड़ी थकान और दर्द होता है, हम लाखों लोगों से मिलते हैं, बात करते हैं। हम किसान से मिलते हैं तो वह इस बात को समझ लेता है कि यह जो व्यक्ति आया है, यह दर्द सहकर आया है, फालतू में नहीं आया। फिर वह दिमाग से नहीं दिल से बोलता है। हिंदुस्तान की जनता दिल से बोलती है तो बात अलग होती है।'