मॉडर्ना दवा कंपनी ने वैक्सीन देने से पंजाब सरकार को किया इनकार कहा, हम भारत सरकार से करेंगे करार

पंजाब सरकार ने वैक्सीन की किल्लत को देखते हुए ग्लोबल टेंडर के ज़रिए वैक्सीन मंगाने का किया था प्रयास, राज्य सरकार के पास अब बची है सिर्फ 64 हज़ार डोज

Updated: May 23, 2021, 08:45 PM IST

मॉडर्ना दवा कंपनी ने वैक्सीन देने से पंजाब सरकार को किया इनकार कहा, हम भारत सरकार से करेंगे करार
Photo Courtesy: The Tribune India

चंडीगढ़। वैक्सीन निर्माता कंपनी मॉडर्ना ने पंजाब सरकार को वैक्सीन मुहैया कराने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। वैक्सीन निर्माता कंपनी ने पंजाब सरकार से कहा है कि वो सिर्फ केंद्र सरकार के साथ डील करती है। कंपनी ने कहा है कि चूंकि वो राज्य सरकारों से डील नहीं करती, लिहाज़ा वो पंजाब सरकार को वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराएगी। पंजाब इस समय वैक्सीन की भारी किल्लत से जूझ रहा है, इसलिए उसने वैक्सीन के लिए मॉडर्ना से संपर्क किया। लेकिन राज्य सरकार को कंपनी के हाथों निराशा हाथ लगी।

पिछले तीन दिनों से वैक्सीन की किल्लत होने के कारण पंजाब में टीकाकरण का तीसरा फेज़ रुका हुआ है। पंजाब सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि कोरोना वैक्सीन निर्माता कंपनियों में से एक मॉडर्ना ने राज्य को वैक्सीन देने से मना कर दिया है। कंपनी की नीति के अनुसार वह सिर्फ केंद्र सरकार के साथ डील करती है, इसलिए कंपनी पंजाब को वैक्सीन नहीं देगी। 

बयान में कहा गया है कि राज्य में वैक्सीन की भारी किल्लत के कारण हमने वैक्सीन की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध सुनिश्चित करने के लिए निर्माता कंपनी से संपर्क किया था। बयान के मुताबिक पंजाब को अब तक वैक्सीन की कुल 44 लाख खुराक मिली है। जबकि टीकाकरण के तीसरे चरण में राज्य को अब तक 4.2 लाख खुराक मिली हैं, जिसमें से 66 हज़ार खुराकें कल उपलब्ध कराई गई हैं। इस समय राज्य सरकार के पास वैक्सीन की केवल 64 हज़ार डोज है। 

दरअसल पंजाब सरकार ने वैक्सीन की इसी किल्लत को समाप्त करने के लिए सीधे मॉडर्ना और फाइजर जैसी वैक्सीन निर्माता कंपनियों से संपर्क किया था। लेकिन मॉडर्ना द्वारा इनकार किए जाने पर पंजाब को तो झटका लगा है ही, साथ ही उन राज्यों के सामने भी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं, जो वैक्सीन की किल्लत से जूझ रहे हैं, और वैक्सीन की उपलब्धता के लिए सीधे वैक्सीन निर्माता कंपनियों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं।