MP कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई को इंदौर पुलिस ने किया गिरफ्तार, विवेक तन्खा ने राज्य सरकार पर साधा निशाना

इंदौर पुलिस ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया है। ड्रग्स तस्करों से पूछताछ में उनका नाम सामने आया था। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है।

Updated: Jul 09, 2026, 06:18 PM IST

इंदौर। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई नाना पटवारी को इंदौर पुलिस ने ड्रग्स से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि हाल ही में पकड़े गए दो ड्रग्स तस्करों से पूछताछ के दौरान नाना पटवारी का नाम सामने आया था। जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। वहीं, कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। मामले को लेकर पुलिस और कांग्रेस के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात दो कथित ड्रग्स पेडलरों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान दोनों ने नाना पटवारी की पहचान की और उनसे जुड़े होने की जानकारी दी। इसी इनपुट के आधार पर गुरुवार दोपहर पुलिस ने नाना पटवारी को हिरासत में लिया। जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। पुलिस की ओर से मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।

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इस कार्रवाई की पुष्टि शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने भी की है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई कर रही है। पार्टी का कहना है कि जीतू पटवारी ने हाल ही में प्रदेश में भ्रष्टाचार और उज्जैन भूमि खरीद से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन की घोषणा की थी। जिसके बाद उनके भाई के खिलाफ कार्रवाई की गई। हालांकि, पुलिस ने अब तक इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

मामले पर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि उन्हें जीतू पटवारी से जानकारी मिली है कि नाना पटवारी को हिरासत में लेने के बाद परिवार को यह नहीं बताया गया कि उन्हें कहां ले जाया गया है। तन्खा ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और इंदौर पुलिस आयुक्त से आग्रह किया कि ऐसी प्रक्रिया से बचा जाए जिससे भविष्य में अनावश्यक विवाद की स्थिति पैदा हो। वहीं, जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद जीतू पटवारी ने अपने कानूनी सलाहकारों से भी चर्चा की है।

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नाना पटवारी इससे पहले भी कई मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें हत्या के प्रयास के एक पुराने मामले में फरार रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

साल 2025 में इंदौर के तेजाजी नगर थाने में भी नाना पटवारी और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ जमीन से जुड़े विवाद में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता नरेंद्र मेहता ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर धोखाधड़ी से कब्जा करने का प्रयास किया गया और विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी।

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इसके अलावा नवंबर 2018 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(क) के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नाना पटवारी सहित कई लोग जबरन उनके घर में घुस आए थे और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। इन मामलों में आरोप लगाए गए थे जिन पर संबंधित न्यायिक प्रक्रिया समय-समय पर चलती रही है। फिलहाल ड्रग्स से जुड़े मौजूदा मामले में पुलिस जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि और मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।