सत्ता हर दिन नहीं रहेगी, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से दुर्व्यवहार पर द्वारका पीठ के शंकराचार्य की चेतावनी
प्रशासन को माफी मांगनी चाहिए। ब्राह्मणों को पुलिस ने चोटी पकड़कर घसीटा। यह शासन का अहंकार है। सत्ता हर दिन नहीं रहेगी। गंगा स्नान से रोकने वालों को गो-हत्या का पाप लगता है: स्वामी सदानंद महाराज
प्रयागराज। प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर स्नान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब शंकराचार्य की पदवी तक पहुंच गया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 24 घंटे में मेला प्रशासन को 8 पेजों का जवाब ई-मेल के जरिए भेजा है। उन्होंने मेला प्रशासन के नोटिस को मनमाना, दुर्भावनापूर्ण और असंवैधानिक बताया है। इधर, द्वारका पीठ और गोवर्धन पीठ के शंकराचार्यों ने भी भाजपा सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।
द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद को मौनी अमावस्या पर स्नान करने से रोके जाने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज मेला प्रशासन को माफी मांगनी चाहिए। ब्राह्मणों को पुलिस ने चोटी पकड़कर घसीटा। शिखा और धर्म का अर्थ नहीं जानते हैं, पढ़ें तो जानें।
उन्होंने आगे कहा कि शिखा के अंदर ब्रह्मरंध्र होता है, इसका अपमान नहीं किया जाता। यह शासन का अहंकार है। सत्ता हर दिन नहीं रहेगी। कभी अपनी सत्ता का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। गंगा स्नान से रोकने वालों को गो-हत्या का पाप लगता है, इसलिए ऐसा काम नहीं करना चाहिए। बता दें कि सदानंद महाराज और अविमुक्तेश्वरानंद स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य हैं। उनके निधन के बाद दोनों एक साथ शंकराचार्य बने थे।
वहीं, गोवर्धन पीठ पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि धार्मिक छत्र का नेतृत्व सरकार पास रखना चाहती है। हम कोई वकील नहीं हैं कि सरकार को सुझाव दें, लेकिन मैं संविधान का भी जानकार हूं। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग मुझसे वकालत और निर्णय लेने के तरीके के बारे में पूछते रहते हैं। जब मैं शंकराचार्य नहीं था, तब भी 32-32 लोगों ने मुझसे प्रशिक्षण लिया था।
शंकराचार्य की पदवी को लेकर चल रहे विवाद के बीच अविमुक्तेश्वरानंद गो-प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा निकाल रहे हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साधु-संत हैं। शिष्य ढोल-नगाड़े बजाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इस दौरान मृत्युंजय धाम के महामंडलेश्वर मृत्युंजय पुरी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की गौ प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा के दौरान और अपना समर्थन दिया।




